24 लाख की लागत से बना स्कूल महज़ एक माह में जर्जर – भ्रष्टाचार का बड़ा खेल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
शालिनी सोनवानी रायपुर की धारदार कलम से,,,,
चारामा, कांकेर। जुलाई माह में जहाँ शाला प्रवेश उत्सव के तहत “नए भवन में नई शुरुआत” का जश्न मनाया गया था, वहीं आज उसी भवन की हकीकत शर्मनाक रूप में सामने आ चुकी है। चारामा विकासखंड के ग्राम बासनवाही में 24 लाख रुपए की लागत से बना माध्यमिक शाला भवन महज़ एक महीने में ही खंडहर में बदल गया।
दीवारों में जगह-जगह दरारें, छत से टपकता पानी, कमरों में सीलन और सिपेज की समस्या ने बच्चों को भय और खौफ के साए में पढ़ाई करने पर मजबूर कर दिया है। बरसात के मौसम में तो हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं – जहां बच्चे अंदर बैठने तक से डरते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सब विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार का साफ नतीजा है। यदि अधिकारी और कर्मचारी समय रहते निर्माण कार्य का सही तरीके से निरीक्षण करते तो स्थिति इतनी भयावह नहीं होती।
ग्रामीणों का गुस्सा उबाल पर,,,
ग्रामीण नरेश कवाची, नरेंद्र तारम, भागवत तारम और अन्य ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन पूरी तरह भ्रष्टाचार का शिकार है और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए भवन को फिर से बनाया जाए।
बच्चों में दहशत, अभिभावकों में आक्रोश
छात्र-छात्राएँ भय और चिंता के माहौल में पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावकों ने कहा – “हमने सोचा था नया भवन बच्चों के भविष्य को रोशन करेगा, लेकिन यह तो जानलेवा साबित हो रहा है।”
विपक्ष ने साधा निशाना
कांग्रेस नेता देवेंद्र सोनी ने कहा –
“एक ओर शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है, दूसरी ओर नया विद्यालय भवन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। यह शासन-प्रशासन की घोर लापरवाही है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। इसकी तत्काल उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए और दोषियों को सख़्त सज़ा दी जानी चाहिए।”
भ्रष्टाचार पर सख़्ती की माँग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि –
निर्माण कार्य में संलिप्त एजेंसी और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हो।
भवन की गुणवत्ता की तकनीकी जाँच कराई जाए।
दोषी पाए जाने वालों को निलंबित कर जेल भेजा जाए।
स्कूल भवन को पुनः मजबूती से बनाया जाए,,
प्रशासन को सीधी चेतावनी
“अगर भ्रष्टाचार में लिप्त ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों पर जल्द

Author: Deepak Mittal
