इस्तीफा बनाम इस्तीफा: अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर का त्यागपत्र, प्रशासनिक हलकों में हड़कंप

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

अयोध्या: उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद अब अयोध्या में तैनात राज्यकर विभाग (GST) के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को दिए गए इस इस्तीफे से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

प्रशांत कुमार सिंह ने यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लेने की बात कही है। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी से फोन पर बात की, जहां वे भावुक हो गए। बातचीत के दौरान उनकी आवाज भर्रा गई और उन्होंने कहा, “मैंने इस्तीफा दे दिया है, अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा।”

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि वे बीते दो दिनों से मानसिक तनाव में थे और ठीक से सो नहीं पाए थे। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के अधीन वे कार्य करते हैं, उसके नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उनके लिए असहनीय था। उनका कहना था कि अगर वे ऐसे बयानों पर चुप रहते, तो यह उनके आत्मसम्मान और कर्तव्य के खिलाफ होता।

प्रशांत कुमार सिंह ने यह भी कहा कि उनके इस फैसले का उद्देश्य अपनी बेटियों के सामने सही और गलत के बीच खड़े होने का उदाहरण पेश करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी आवेग में नहीं, बल्कि लंबे आत्ममंथन के बाद लिया गया है।

उन्होंने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित करते हुए भेजा है। दो पन्नों के इस पत्र में उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताया है। पत्र में इन बयानों को अभद्र, अमर्यादित और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया गया है।

इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि एक सरकारी अधिकारी होने के नाते उनका राजकीय धर्म केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेतृत्व के सम्मान की रक्षा करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी और अपमानजनक भाषा समाज में भ्रम और अस्थिरता पैदा करती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी दबाव, निर्देश या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं है, बल्कि पूरी तरह अंतरात्मा की आवाज पर आधारित है। पत्र में उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर समाज में जातिवाद फैलाने का आरोप भी लगाया है।

प्रशांत कुमार सिंह ने कहा है कि जब तक उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं हो जाता, तब तक वे अपने पद की सभी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने राजस्व संग्रह और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

गौरतलब है कि प्रशांत कुमार सिंह की अयोध्या में पोस्टिंग वर्ष 2023 में हुई थी और वे राज्यकर विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने के संकेत भी दिए हैं।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment