रेलवे बजट 2026: पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर को सर्वोच्च प्राथमिकता, अश्विनी वैष्णव

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नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बजट 2026 को लेकर प्रेसवार्ता में राज्यवार रेल निवेश की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन रेल परिवहन पर निर्भर है, इसी कारण राज्य के लिए बुनियादी ढांचे और नई परियोजनाओं हेतु रिकॉर्ड बजट आवंटन किया गया है।

रेल मंत्री ने बताया कि डिमांड फॉर ग्रांट्स के तहत राज्य-दर-राज्य रेलवे निवेश का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ औद्योगिक, व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से रेलवे नेटवर्क को मजबूत करना है।

पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बड़ा आवंटन
असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए वर्ष 2026 में 11,486 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके साथ ही पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में करीब 72,468 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, ट्रैक का दोहरीकरण, पुल और सुरंग जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शामिल हैं। भूटान को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने के लिए कोकराझार से गेलेफू तक रेल लाइन की योजना पर भी काम चल रहा है।

रेल मंत्री ने बताया कि मिज़ोरम को हाल ही में पहली बार सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ा गया है। मणिपुर में बाधित कार्य दोबारा तेज़ी से शुरू हो चुका है, नागालैंड में परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं, अरुणाचल प्रदेश के लिए डीपीआर तैयार है और सिक्किम में भी काम संतोषजनक गति से चल रहा है। लगभग 40 किलोमीटर लंबे एक रणनीतिक सेक्शन में चार रेल लाइनों और कुछ हिस्सों में अंडरग्राउंड लाइन की योजना बनाई गई है, जिससे सामरिक और आर्थिक मजबूती मिलेगी।

पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक घोषणाएं
पश्चिम बंगाल के लिए 14,205 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेल बजट घोषित किया गया है। रेल मंत्री ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आवंटन बताया। उन्होंने कहा कि देश की पहली बुलेट ट्रेन पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक आएगी। यह प्रस्तावित कॉरिडोर वाराणसी से सिलीगुड़ी तक होगा, जिसे आगे चलकर गुवाहाटी तक बढ़ाने की योजना है। इससे उत्तर बंगाल और पूरे पूर्वोत्तर को हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसके अलावा दानकुनी से गुजरात तक नया फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगा। इससे माल परिवहन तेज़ होगा और उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।

कोलकाता मेट्रो का तेज़ विस्तार
कोलकाता मेट्रो के विस्तार पर रेल मंत्री ने बताया कि पहले 40 वर्षों में जहां केवल 27 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क बना था, वहीं 2014 के बाद पिछले 11 वर्षों में 45 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ है। फिलहाल 17 नए मेट्रो और रेलवे प्रोजेक्ट्स शुरू करने की पहल की गई है।

नई ट्रेनें और भविष्य की योजना
रेल मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में पश्चिम बंगाल में 100 से अधिक नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और तेज़ यात्रा का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में रेलवे नेटवर्क के विस्तार से न केवल यात्री सुविधाएं मजबूत होंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार और राष्ट्रीय एकता को भी नई मजबूती मिलेगी।

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Author: Deepak Mittal

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