दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की रक्षा में अद्वितीय साहस और शौर्य का प्रदर्शन करने वाले 70 सशस्त्र बल कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी है। इन पुरस्कारों में छह मरणोपरांत सम्मान भी शामिल हैं।
घोषित वीरता पुरस्कारों में एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (जिसमें एक मरणोपरांत), एक बार टू सेना मेडल (वीरता), 44 सेना पदक (वीरता) (पांच मरणोपरांत), छह नौसेना पदक (वीरता) और दो वायु सेना पदक (वीरता) शामिल हैं।
शौर्य चक्र से सम्मानित होने वालों में 21 पैरा (स्पेशल फोर्स) के लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार, 32 असम राइफल्स के मेजर अंशुल बाल्टू, 5 पैरा (स्पेशल फोर्स) के मेजर शिवकांत यादव, 42 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर विवेक मेच, 11 पैरा (स्पेशल फोर्स) के मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह और 6 पैरा (स्पेशल फोर्स) के कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकू शामिल हैं।
इसके अलावा असम राइफल्स और राष्ट्रीय राइफल्स के अन्य जवानों को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। नौसेना की दो महिला अधिकारी—लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए.—को भी शौर्य चक्र प्रदान किया गया है।
राष्ट्रपति ने इसके साथ ही सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, दो बार टू सेना पदक (विशिष्ट), 43 सेना पदक (विशिष्ट), आठ नौसेना पदक (विशिष्ट), 14 वायु सेना पदक (विशिष्ट) और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों के वितरण को भी मंजूरी दी है। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री—तीन श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक सेवा, विज्ञान, चिकित्सा, शिक्षा, खेल, व्यापार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं।
हर वर्ष की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन पुरस्कारों की घोषणा देश के वीर जवानों और विशिष्ट नागरिकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए की गई है।
Author: Deepak Mittal










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