अमेरिका में टिकटॉक पर बैन की तैयारी! फेडरल कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बताया खतरा, भारत में 2020 से बैन है ऐप

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ई दिल्ली. अमेरिका में टिकटाॅक पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशें तेज हो गई है. यूएस फेडरल कोर्ट ने उस कानून को बहाल कर दिया है, जिसके तहत चीनी कंपनी बाइटडांस के लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक को बैन किया जा सकता है.

कोर्ट ने 19 दिसंबर तक टिकटाॅक के अमेरिकी संचालन को बेचने या प्रतिबंधित होने का विकल्प दिया है. इस कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देना बताया गया है.

हालांकि, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह टिकटॉक को प्रतिबंधित नहीं होने देंगे. यह ऐप अमेरिका में 170 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ बेहद लोकप्रिय है.

अमेरिका में टिकटाॅक पर बैन क्यों?
एफबीआई के निदेशक क्रिस रे ने टिकटॉक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा है कि चीनी कंपनियां चीन सरकार के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐप के माध्यम से चीनी सरकार अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के डेटा तक पहुंच सकती है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, कुछ कांग्रेस सदस्यों ने बाइटडांस पर चीनी सरकार के प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा है कि कंपनी अपने उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील डेटा चीनी सरकार से साझा करने के लिए मजबूर है.

हालांकि, टिकटॉक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चीनी सरकार की भागीदारी केवल बाइटडांस की सहायक कंपनी डॉयिन इंफॉर्मेशन सर्विस के 1% हिस्से तक सीमित है और इसका वैश्विक संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

डेटा और एल्गोरिदम को लेकर विवाद
एफबीआई ने दावा किया है कि टिकटॉक का उपयोग डेटा तक पहुंच बनाने और एल्गोरिदम को बदलने के लिए किया जा सकता है. राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के निदेशक पॉल नाकासोन ने चिंता जताई है कि टिकटॉक का एल्गोरिदम उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करने या उनका व्यवहार बदलने में मदद कर सकता है. इसके जवाब में टिकटॉक ने कहा है कि वह किसी भी सरकार को अपने एल्गोरिदम या डेटा संचालन को नियंत्रित करने की अनुमति नहीं देता. अदालत ने भी कानून के समर्थन में निर्णय देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की जांच और समाधान के लिए उचित प्रक्रिया का पालन किया गया है.

चीन के राष्ट्रीय खुफिया कानून को लेकर चिंता
सांसदों का कहना है कि चीन के 2017 के राष्ट्रीय खुफिया कानून के तहत बाइटडांस से चीनी सरकार को टिकटॉक उपयोगकर्ताओं का डेटा सौंपने की उम्मीद की जा सकती है. हालांकि, टिकटॉक ने स्पष्ट किया है कि उसका संचालन अमेरिकी कानूनों के तहत है और उसने कभी भी अमेरिकी उपयोगकर्ताओं का डेटा चीनी सरकार को नहीं दिया है. कंपनी के सीईओ ने भरोसा दिलाया है कि वे डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं.

युवाओं की मानसिक स्थिती पर असर डाल रहा ऐप
मार्च 2022 में आठ अमेरिकी राज्यों ने यह जांच शुरू की कि टिकटॉक का इस्तेमाल युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर रहा है. जांच में यह समझने की कोशिश की गई कि प्लेटफॉर्म के डिज़ाइन और एल्गोरिदम किस तरह उपयोगकर्ताओं, विशेषकर कम उम्र के बच्चों को लंबे समय तक व्यस्त रखते हैं. टिकटॉक ने इस आलोचना का जवाब देते हुए 18 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के कई कदम उठाने की बात कही है.

क्या होगा आगे?
टिकटॉक को लेकर विवाद अमेरिकी राजनीतिक और कानूनी दायरे में लगातार गहराता जा रहा है. जहां एक ओर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंताएं हैं, वहीं टिकटॉक की लोकप्रियता इसे प्रतिबंधित करने की योजना को चुनौतीपूर्ण बनाती है. आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टिकटॉक अपने संचालन को कैसे बनाए रखता है और इस विवाद का समाधान किस दिशा में होता है.

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Author: Deepak Mittal

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