सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त नियमों का प्रस्ताव
बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के दुष्परिणामों से बचाने तथा डिजिटल स्पेस में उनकी सुरक्षा मजबूत करने के लिए संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने की तैयारी की गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद बैजयंत ‘जय’ पांडा की ओर से तैयार “सेफगार्डिंग हेल्दी इंटरनेट एनवायरनमेंट्स फॉर लिटिल डिजिटल-नेटिव्स” (SHIELD) बिल, 2025 में बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट, डेटा प्राइवेसी, ऑनलाइन गेमिंग और पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों को लेकर सख्त नियम प्रस्तावित किए गए हैं।
हालांकि, शुक्रवार को संसद में लगातार हंगामे और सदन की कार्यवाही स्थगित होने के कारण यह बिल औपचारिक रूप से पेश नहीं हो सका।
बिल में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को माना गया है नाबालिग
SHIELD बिल में 18 वर्ष से कम उम्र के सभी व्यक्तियों को नाबालिग माना गया है। इसके तहत बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए कई प्रावधान प्रस्तावित हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता या अभिभावक की सत्यापित सहमति के बिना सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर नया अकाउंट नहीं बना सकेंगे।
बिल में टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स को बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को ट्रैक करने, उनकी प्रोफाइलिंग करने और उनके डेटा के आधार पर पर्सनलाइज्ड विज्ञापन दिखाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।
बच्चों का डेटा केवल संबंधित सेवा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी सीमा तक ही एकत्र किया जा सकेगा। अकाउंट निष्क्रिय होने के 90 दिनों के भीतर डेटा हटाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, अभिभावक की मांग पर बच्चे का डेटा स्थायी रूप से हटाने का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8224780
Total views : 8269011