इंदौर: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक डराने वाली और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। इस बात की पुष्टि क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने की है। इलाके में फैले इस जलजनित संकट ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
इस गंभीर मामले पर आज दोपहर 12 बजे हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। जबलपुर से डबल बेंच के जज ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई करेंगे। बताया जा रहा है कि प्रशासन इस दौरान अपनी प्राथमिक रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर सकता है।
पानी की जांच रिपोर्ट ने बढ़ाई दहशत
दूषित पानी को लेकर आई जांच रिपोर्ट ने हालात की भयावहता को और उजागर कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट में पानी के सैंपलों में फीकल कॉलीफॉर्म, ई-कोलाई और क्लेसबेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। ये बैक्टीरिया उल्टी, दस्त और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं, जो कमजोर लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
विब्रियो कोलेरी की मौजूदगी से हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, कुछ सैंपलों में विब्रियो कोलेरी जैसे तत्व भी मिले हैं—यही बैक्टीरिया हैजा (Cholera) जैसी घातक बीमारी का कारण बनता है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
अब तक 80 पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से कुछ की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। शेष सैंपलों की विस्तृत लैब रिपोर्ट आने में 1 से 2 दिन का समय लग सकता है। पूरी रिपोर्ट के बाद ही स्थिति की वास्तविक गंभीरता का आकलन किया जा सकेगा।
लोगों को उबालकर पानी पीने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी से संक्रमण तेजी से फैल सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को पानी उबालकर या फिल्टर कर उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण ड्रेनेज का गंदा पानी मिल गया, जिसके चलते भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला और हालात बेकाबू हो गए।
Author: Deepak Mittal









