PM मोदी ने ‘मन की बात’ में देश की उपलब्धियों और प्रेरणादायी कहानियों का किया उल्लेख

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वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर दी शुभकामनाएं

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देशवासियों से रूबरू हुए। इसका सीधा प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर किया गया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के जिक्र से की।

उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम और सांस्कृतिक चेतना का मजबूत प्रतीक है।

खाद्यान्न उत्पादन में नया रिकॉर्ड

PM मोदी ने बताया कि भारत ने इस वर्ष 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर नया इतिहास रचा है। यह 10 साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में हुई प्रगति का परिणाम बताया।

ISRO की अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें ISRO द्वारा आयोजित ड्रोन प्रतियोगिता दिखाई गई थी। इस प्रतियोगिता में युवा, खासकर Gen-Z, मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने की कोशिश कर रहे थे। पुणे की एक टीम ने कई असफलताओं के बाद अंततः सफलता हासिल की, जिस पर पीएम ने उनकी दृढ़ता की सराहना की।

विशेष शहद को बढ़ावा: ‘रामबन सुलाई हनी’

PM मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली वन तुलसी (सुलाई) का उल्लेख किया, जिसके फूलों से मधुमक्खियां एक अनोखा सफेद रंग का शहद बनाती हैं। इसे रामबन सुलाई हनी कहा जाता है और इसे हाल के वर्षों में GI टैग भी मिला है।

उन्होंने दक्षिण कन्नड़ा के पुत्तुर जिले का भी जिक्र किया, जहां की वनस्पतियां शहद उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती हैं। यहां “ग्रामजन्य” संस्था स्थानीय किसानों को नई दिशा दे रही है।

नवंबर के प्रेरणादायी आयोजन

प्रधानमंत्री ने नवंबर में हुए कई महत्वपूर्ण आयोजनों का भी उल्लेख किया—

  • 26 नवंबर – संविधान दिवस पर संसद के सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रम

  • वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देशभर में कार्यक्रमों की शुरुआत

  • अयोध्या राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण

  • कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पंचजन्य स्मारक का लोकार्पण

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक प्रगति और राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत करते हैं।

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Author: Deepak Mittal

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