“भारत को हमारा अटूट समर्थन…” पाकिस्तान की धरती से एस जयशंकर के नाम खुला पत्र, चीन को लेकर बड़ी चेतावनी

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नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत-पाकिस्तान संबंधों के बीच एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान विरोधी रुख के लिए चर्चित बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के नाम एक खुला पत्र लिखते हुए न केवल भारत को अपना “अटूट समर्थन” देने की बात कही है, बल्कि चीन को लेकर गंभीर चेतावनी भी दी है।

मीर यार बलूच ने पत्र में दावा किया है कि आने वाले कुछ महीनों में चीन बलूचिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है, जो भारत और बलूचिस्तान—दोनों की सुरक्षा के लिए एक अकल्पनीय खतरा साबित होगा।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की खुलकर सराहना

मीर बलूच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि
22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, वह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारत के साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों और भारतीय संसद को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए भारत-बलूचिस्तान के सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों का भी उल्लेख किया।

चीन-पाक गठजोड़ पर बड़ा अलर्ट

पत्र का सबसे संवेदनशील और गंभीर हिस्सा चीन-पाकिस्तान सैन्य गठजोड़ को लेकर है। मीर बलूच ने लिखा—

“अगर बलूच रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया गया, तो चीन अगले कुछ महीनों में बलूचिस्तान की धरती पर अपने सैनिक उतार सकता है। CPEC को पाकिस्तान और चीन स्थानीय लोगों की इच्छा के बिना अंतिम चरण में ले जा रहे हैं।”

उन्होंने चेताया कि बलूचिस्तान में चीनी सेना की मौजूदगी सीधे तौर पर भारत की सुरक्षा और भविष्य के लिए बड़ा खतरा होगी।

2026 में ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ की वैश्विक पहल

मई 2025 में पाकिस्तान से आज़ादी का ऐलान कर चुके बलूच नेताओं ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। मीर बलूच ने घोषणा की कि
‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ 2026 के पहले हफ्ते में “ग्लोबल डिप्लोमैटिक वीक” मनाएगा।

इसका उद्देश्य दुनिया के देशों से सीधे राजनयिक संबंध बनाना और पाकिस्तान के 79 साल के कथित दमनकारी शासन के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना है।

भारत को बताया भरोसेमंद साथी

मीर बलूच ने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) का उल्लेख करते हुए भारत को शांति, समृद्धि, विकास, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा का भरोसेमंद साथी बताया। उन्होंने कहा—

“बलूचिस्तान के लोगों ने 79 साल से पाकिस्तान के कब्जे, सरकारी आतंक और मानवाधिकार उल्लंघन झेले हैं। अब वक्त आ गया है कि इस सड़ती बीमारी को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।”

इस खुले पत्र को दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है, जिसने भारत-चीन-पाकिस्तान के समीकरण को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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Author: Deepak Mittal

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