(निर्मल अग्रवाल) : मुंगेली- मुंगेली जिले के ब्लॉक लोरमी अंतर्गत ग्राम ढोलगी में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालक द्वारा हितग्राहियों से फिंगर लेकर चांवल वितरण नही करने का मामला प्रकाश में आया है।
उचित मूल्य की दुकान से तात्पर्य ऐसी दुकान से है जिसे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 के तहत जारी आदेश द्वारा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड धारकों को आवश्यक वस्तुओं को वितरित करने के लिए लाइसेंस दिया गया है।
परन्तु वर्तमान समय में संचालक इसका दुरुपयोग करने में लगे है एक ऐसे ही मामले में लोरमी ब्लॉक के ग्राम ढोलगी में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का पूर्व संचालन इंदिरा गांधी महिला स्व सहायता समूह के द्वारा किया जा रहा था ।
जिनके द्वारा ग्राम के हितग्राहियों से फिंगर लेकर ऑनलाइन सर्वर में एंट्री कर दी गयी और हितग्राहियों को चांवल का वितरण नही किया गया।
संचालक समूह द्वारा अप्रैल 2024 और मई 2024 दो माह के खाद्यान से इन्हें वंचित कर दिया गया। अधिकाशतः बैगा आदिवासी समाज के इन गरीब हितग्राहियों के पेट का निवाला छिनने वाले इस दुकान के संचालक की लिखित शिकायत हितग्राहियों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लोरमी से की गई थी ।

परंतु खुले आम भ्र्ष्टाचार करने वाले इस संचालक समूह पर अब पर्यन्त कोई कार्यवाही नही की गई । इस विषय पर प्रशासनिक विभाग का मौन रहना समझ से परे है। इस विषय पर किसी कार्यवाही का न होना सीधे सीधे ये साबित करता है कि गरीबों के पेट पर डाका डाल कर संचालक ने सम्भवतः विभाग को पुलाव खिलाया ही होगा ।
बरहाल देखना ये है कि इस पर कब तक कार्यवाही हो पाएगी। जिले में लगातार पीडीएस चांवल के स्कूलों से चोरी और दुकानों में बेचे जाने के मामले का खुलासा नवभारत टाइम्स की टीम बहुत जल्दी करेगी क्योंकि हम सदा निष्पक्ष और सच को अपनी खबरों से आवाज़ देते है।
Author: Deepak Mittal









