नई दिल्ली: अनुभवी बैंकर और उद्योगपति उदय कोटक ने ‘पद्म भूषण’ सम्मान मिलने पर खुद को विनम्र और गौरवान्वित बताया है। सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिसमें वित्तीय क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उदय कोटक को ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया है।
उदय कोटक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि आज का भारत उस भारत से बिल्कुल अलग है, जिसमें उनका जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि यह सफर बेहद रोमांचक रहा है और इस गणतंत्र दिवस पर देश कई अहम रास्तों के चौराहे पर खड़ा है। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कर्म का रास्ता चुना है, जिसमें सावधानी, आगे बढ़ने की इच्छा और जमीनी हकीकत को समझने की समझ शामिल है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सभी मिलकर भारत को और महान बनाएंगे। हमें अभी बहुत लंबा सफर तय करना है।”
‘पद्म भूषण’ सम्मान के जरिए भारतीय बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था में उदय कोटक के लंबे और गहरे योगदान को मान्यता दी गई है। साथ ही आर्थिक उदारीकरण के बाद एक मजबूत और भरोसेमंद निजी वित्तीय संस्था के निर्माण में उनकी भूमिका को भी सराहा गया है।
उदय कोटक की यात्रा को भारत के वित्तीय क्षेत्र की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में गिना जाता है। 1990 के शुरुआती वर्षों में उन्होंने कोटक फाइनेंस के जरिए ऑटो लोन, निवेश बैंकिंग और शेयर ब्रोकिंग जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया, जब देश की अर्थव्यवस्था उदारीकरण के दौर से गुजर रही थी। 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद निजी वित्तीय संस्थानों के लिए नए अवसर खुले।
शुरुआत में न तो वे किसी बड़े कारोबारी परिवार से जुड़े थे और न ही उनके पास बड़े निवेशकों का समर्थन था। कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने ईमानदारी, पारदर्शिता और कम जोखिम वाले कर्ज के सिद्धांतों पर अपने कारोबार की नींव रखी। परिवार और दोस्तों से लिए गए 30 लाख रुपये के कर्ज से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर देश के सबसे बड़े निजी बैंकिंग समूहों में से एक के रूप में स्थापित हुआ।
Author: Deepak Mittal










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