“भरोसा” योजना से पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की पहल
रतलाम से इमरान खान की रिपोर्ट
रतलाम जिले में अब आम नागरिक पुलिस से संबंधित अपनी शिकायत या अनुभव सीधे संबंधित थाने में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। यह फीडबैक प्रणाली “भरोसा” नामक योजना के अंतर्गत लागू की गई है, जिसका उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के प्रति उत्तरदायित्व को बढ़ाना है। जिले के सभी 23 थानों में यह क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं।
यह क्यूआर कोड स्कैन कर कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से पुलिसकर्मियों के व्यवहार, कार्यप्रणाली या किसी अन्य अनुभव को दर्ज कर सकेगा। शिकायत, सुझाव या तारीफ से जुड़ी जानकारी सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय तक पहुंचेगी। एसपी कार्यालय में विशेष टीम इस फीडबैक की क्रॉस चेकिंग करेगी, ताकि सही व्यक्ति द्वारा फॉर्म भरने की पुष्टि की जा सके। इसके बाद ही संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई या सम्मान तय किया जाएगा।
शिकायतकर्ता को फॉर्म में पूछे गए कुछ सवालों के उत्तर भी देने होंगे, जिससे फीडबैक को बेहतर ढंग से समझा जा सके। अगर किसी ने पुलिसकर्मी के प्रति नकारात्मक अनुभव साझा किया है, तो उससे उसका कारण पूछा जाएगा। वहीं, सकारात्मक फीडबैक पर भी आवश्यक पुष्टि की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की फर्जी प्रविष्टि को रोका जा सके।
शहर के थाने स्टेशन रोड, औद्योगिक क्षेत्र, माणक चौक, डीडी नगर, महिला थाना, अजाक थाना, ट्रैफिक थाना
जिले के अन्य थाने – नामली, बिलपांक, सैलाना, सरवन, रावटी, बाजना, शिवगढ़, जावरा शहर, जावरा औद्योगिक क्षेत्र, आलोट, रिंगनोद, कालूखेड़ा, ताल, बरखेड़ाकलां, पिपलौदा, बड़ावदा
इस तकनीकी पहल की शुरुआत पहले देवास सहित कुछ अन्य जिलों में की गई थी, जो अब रतलाम जिले के सभी थानों में भी लागू कर दी गई है। इससे पुलिसकर्मियों में जहां जवाबदेही बढ़ेगी, वहीं आम नागरिकों को अपनी बात सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का प्रभावी जरिया मिलेगा।
Author: Deepak Mittal










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