रायपुर ।छात्रों को आधुनिक और आसान तरीकों से पढ़ाई कराने की दिशा में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) ने एक अहम पहल की है। बोर्ड ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को पीएम ई-विद्या चैनल-15 का सक्रिय रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। सीबीएसई का मानना है कि इससे न केवल क्लासरूम टीचिंग मजबूत होगी, बल्कि विद्यार्थियों की समझ और सीखने की गुणवत्ता भी बेहतर बनेगी।
सीबीएसई द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि चैनल-15 पर प्रसारित होने वाला शैक्षणिक कंटेंट पूरी तरह सीबीएसई सिलेबस के अनुरूप तैयार किया गया है। यह पहल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश के हर कोने में छात्रों तक समान गुणवत्ता वाली शिक्षा पहुंचाने में सहायक होगी।
टीवी के जरिए सप्लीमेंट्री एजूकेशन
पीएम ई-विद्या पहल की शुरुआत वर्ष 2024 में की गई थी, जिसका उद्देश्य टीवी के माध्यम से छात्रों को सप्लीमेंट्री एजूकेशनल सपोर्ट उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत 200 डीटीएच टीवी चैनल शुरू किए गए हैं, जिनमें से सीबीएसई को चैनल नंबर 15 आवंटित किया गया है।
जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस चैनल पर 67 शैक्षणिक ई-वीडियो उपलब्ध हैं, जो विशेष रूप से कक्षा 9 से 11 के विद्यार्थियों और शिक्षकों की ट्रेनिंग को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

हर छात्र तक शिक्षा पहुंचाने की पहल
बोर्ड के अनुसार, इन कार्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भौगोलिक दूरी या सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा न बनें। टीवी पर बार-बार टेलीकास्ट होने से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं।
इसके अलावा, ये सभी वीडियो यूट्यूब पर सीबीएसई टीवी चैनल पर भी उपलब्ध हैं, जिससे छात्र और शिक्षक इन्हें कभी भी दोबारा देखकर अपनी गति से सीख सकते हैं।
इन विषयों पर उपलब्ध हैं वीडियो
पीएम ई-विद्या चैनल-15 पर छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए उपयोगी कंटेंट शामिल है। इसमें मैथ्स, साइंस और सोशल साइंस जैसे मुख्य विषयों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण एजूकेशनल टॉपिक्स को कवर किया गया है।
शिक्षकों के लिए बनाए गए वीडियो में एक्सपीरियंशियल लर्निंग, स्टोरीटेलिंग पेडागॉजी, सेफ्टी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसे अहम विषय शामिल हैं। बोर्ड का कहना है कि इससे कक्षा में पढ़ाने के तरीके और अधिक प्रभावी बनेंगे।
अभी अधिकृत आदेश का इंतजार
इस संबंध में विकासखण्ड शिक्षाधिकारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि इस पहल की जानकारी सोशल और प्रिंट मीडिया के माध्यम से मिल रही है, लेकिन अभी तक शासन की ओर से कोई अधिकृत पत्र या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही आदेश प्राप्त होगा, विद्यार्थियों और उनके पालकों को इसकी जानकारी दे दी जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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