VB-G RAM G का विरोध नहीं, कांग्रेस को ‘राम’ नाम से ही दिक्कत! – त्रिलोक कपूर का बड़ा हमला

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

पालमपुर: भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि VB-G RAM G योजना का विरोध असल में रोजगार का नहीं, बल्कि ‘राम’ नाम से कांग्रेस की नफरत को उजागर करता है। पालमपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार भारत की रीढ़ है और इसे मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह योजना ऐतिहासिक कदम है।

त्रिलोक कपूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को भरोसा दिया था कि उनकी सरकार युवा, गरीब, पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित वर्गों के लिए समर्पित होगी। इसी सोच के तहत मनरेगा को एक नया और मजबूत स्वरूप देते हुए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार व आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) पाया गया, लेकिन कांग्रेस को योजना के नाम से ही आपत्ति हो गई।

7 दिन में मजदूरी, नहीं तो ब्याज सहित भुगतान

कपूर ने बताया कि इस विधेयक के तहत ग्रामीण मजदूरों को अधिक दिहाड़ी के साथ रोजगार की गारंटी मिलेगी। पहले जहां मजदूरी भुगतान में 15 दिन लगते थे, अब 7 दिनों के भीतर सीधे खाते में पैसा जाएगा। यदि तय समय में भुगतान नहीं होता तो ब्याज सहित भुगतान का प्रावधान भी किया गया है।

100 नहीं, अब 125 दिन का रोजगार

उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। अगर किसी पात्र व्यक्ति को काम नहीं मिलता तो भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है। पंचायतों को अपने क्षेत्र के विकास कार्य तय करने का अधिकार दिया गया है, वहीं जियो टैगिंग और आधार आधारित सत्यापन से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

हिमाचल को मिलेगा 90% केंद्र का सहयोग

त्रिलोक कपूर ने बताया कि हिमाचल जैसे हिमालयी राज्यों के लिए यह योजना और भी फायदेमंद है, जहां 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। योजना का फोकस चार अहम बिंदुओं पर है—

  • ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर

  • जल संरक्षण

  • पर्यावरण संरक्षण

  • ग्रामीण आजीविका

नाम बदलने की राजनीति पर भी हमला

कपूर ने कांग्रेस पर नाम बदलने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 1980 से लेकर अब तक कांग्रेस ने इस योजना का नाम कई बार बदला—
जवाहर रोजगार योजना, जवाहर स्मृति योजना, संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना, नरेगा और फिर मनरेगा।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब 30-40 हजार करोड़ का बजट भी खर्च नहीं हो पाता था, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल में भी 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट देकर गरीबों को संबल दिया।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment