निकाह के कागज बन रहे थे… बेटी का ब्रेनवॉश कर धर्म बदलवाने की साजिश! पिता ने सुनाई रूह कंपा देने वाली सच्चाई

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निकाह के कागज बन रहे थे… बेटी का ब्रेनवॉश कर धर्म बदलवाने की साजिश! पिता ने सुनाई रूह कंपा देने वाली सच्चाई

सांभल/आगरा: देश में एक बार फिर अवैध धर्मांतरण का मामला सामने आया है, जिसने सभी को हिला कर रख दिया। आगरा के एक पिता ने अपनी बेटी से जुड़ी दर्दनाक सच्चाई मीडिया के सामने रखी है। यह वही बेटी है जो मार्च 2025 में अचानक घर से लापता हो गई थी और पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम बहुल इलाके से बरामद की गई।

पिता ने बताया कि बेटी को ब्रेनवॉश कर इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। यही नहीं, उसके निकाह के फर्जी कागज़ तैयार किए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि यह कोई एकल मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैले एक संगठित धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा है — जिसे विदेशों से फंडिंग तक मिल रही है।

2021 में शुरू हुआ ब्रेनवॉश

पीड़ित पिता के अनुसार, 2021 में बेटी की दोस्ती एक कश्मीरी मुस्लिम छात्रा से हुई थी। धीरे-धीरे इस दोस्ती ने धर्म परिवर्तन की दिशा पकड़ ली। बेटी को कुरान, इस्लामी किताबें पढ़ाई गईं और बार-बार यह समझाया गया कि इस्लाम ही सच्चा रास्ता है।

24 मार्च को बेटी अचानक हुई लापता

24 मार्च 2025 को युवती अचानक घर से गायब हो गई। जब पुलिस ने लोकेशन ट्रैक की, तो पता चला कि वह पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाके में एक किराए के मकान में रह रही थी। वहां एक अन्य युवती भी थी, जो पहले ही इस्लाम अपना चुकी थी।

पुलिस को कानून की कमी से आई परेशानी

पश्चिम बंगाल में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून नहीं होने के चलते पुलिस को कार्रवाई में बड़ी दिक्कत आई। इलाके में भारी मुस्लिम आबादी के बीच पुलिस ने जोखिम उठाकर दोनों लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

निकाह के नाम पर साजिश

जांच में सामने आया कि लड़कियों के नाम बदलकर निकाह के कागजात तैयार किए जा रहे थे। पिता का दावा है कि ऐसा ही रैकेट आठ राज्यों में फैला है और यह ‘स्लीपर सेल’ जैसे काम कर रहा है।

सरकार और पुलिस का धन्यवाद

पीड़ित पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके प्रयासों से उनकी बेटी की जान बच पाई। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस तरह के रैकेट के खिलाफ और भी कठोर कदम उठाए जाएं।

काउंसलिंग की जरूरत

पिता ने बताया कि लड़कियां अब भी मानती हैं कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। इसलिए उन्होंने सरकार से काउंसलिंग की मांग की है, जिसे मंजूरी भी मिल गई है।

सभी माता-पिता के लिए चेतावनी

अंत में, पिता ने कहा – “आज की पीढ़ी अपने धर्म को नहीं समझती, इसलिए आसानी से बहक जाती है। यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी कि मैंने शुरुआत में सख्ती नहीं की। अब मैं सभी माता-पिता से अपील करता हूं – जागिए, अपने बच्चों से बात कीजिए, उन्हें धर्म की सच्चाई समझाइए… इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।”

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Author: Deepak Mittal

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