रायपुर: थाना कबीर नगर में दर्ज एक गंभीर पॉक्सो प्रकरण की विवेचना के दौरान लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध आचरण सामने आने पर महिला प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। डिप्टी पुलिस कमिश्नर (पश्चिम क्षेत्र) रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार महिला प्रधान आरक्षक क्रमांक 1507 चन्द्रकला साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
जानकारी के अनुसार थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 13/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 04(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के अंतर्गत मामला दर्ज है। इस संवेदनशील मामले की विवेचना महिला प्रधान आरक्षक चन्द्रकला साहू द्वारा की जा रही थी। जांच के दौरान उनके द्वारा नियमों के विपरीत आचरण, स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आईं, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
डिप्टी पुलिस कमिश्नर पश्चिम क्षेत्र संदीप पटेल ने जारी आदेश में कहा कि जांच में पाई गई अनियमितताओं को देखते हुए महिला प्रधान आरक्षक को निलंबित करते हुए रक्षित केंद्र रायपुर से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि पॉक्सो जैसे गंभीर और संवेदनशील मामलों में विवेचना के दौरान पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के अनुरूप कार्रवाई अनिवार्य होती है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही पीड़ित के न्याय को प्रभावित कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कर्तव्य में किसी भी प्रकार की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, विशेषकर बच्चों से जुड़े अपराधों में। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।
Author: Deepak Mittal









