मध्य प्रदेश के निमाड़ में प्रसिद्ध संत सियाराम बाबा का लंबी बीमारी के बाद बुधवार सुबह निधन हो गया। संत सियाराम बाबा ने भट्टियान स्थित आश्रम पर अंतिम सांस ली, जहां 116 साल की उम्र में संत सियाराम बाबा ने देह त्यागा है।
CM मोहन यादव ने संत सियाराम बाबा को श्रद्धांजलि दी है।
संत श्री सियाराम बाबा नर्मदा किनारे ग्राम भट्टयान में अपने आश्रम में रहते हैं। माना जाता है कि वे हनुमान जी के परम भक्त है। आश्रम में उन्हें रामचरित्र मानस का पाठ करते हुए देखा जा सकता है। आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं से वे मात्र 10 रुपये दान में लेते हैं, इससे अधिक की राशि देने पर वे लौटा देते हैं।
CM मोहन यादव ने लिखा कि, प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, निमाड़ के दिव्य संत पूज्य श्री सियाराम बाबा जी के प्रभुमिलन का समाचार संत समाज सहित सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म साधना एवं मां नर्मदा की सेवा में समर्पित पूज्य बाबा जी ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन को दिशा दी। बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा उनके असंख्य अनुयायियों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूँ।संतश्री के चरणों में कोटि-कोटि नमन!
कौन हैं संत सियाराम बाबा?
संत सियाराम बाबा का आश्रम खरगोन जिले के भट्टियांन में है, जहां वे नर्मदा किनारे तपस्या करते हैं। विगत कई वर्षों से नर्मदा किनारे तपस्या कर रहे संत सियाराम बाबा अपनी योग साधना और अलग-अलग चमत्कारों के लिए जनमानस के बीच काफी प्रसिद्ध है।
संत सियाराम बाबा की उम्र 100 साल से भी ज्यादा है, जहां इस उम्र में लगातार एक लंगोट पहनकर रोजाना कई घंटे तक रामायण की चौपाई पढ़ते हैं। संत सियाराम बाबा आश्रम में आने वाले भक्तों को अपने हाथों से चाय पिलाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि, सियाराम बाबा की केतली में चाय कभी खत्म नहीं होती।
कुछ दिनों पहले सियाराम बाबा का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह बिना माचिस के दीप प्रज्वलित करते नजर आ रहे थे। ऐसा कहा जाता है कि, बाबा ने कई सालों तक खड़े होकर तपस्या की है। इतना ही नहीं, योग साधना के दम पर मौसम अनुरूप उन्होंने अपने आप को ढाल लिया है।

Author: Deepak Mittal










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