बालोद, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 13 एवं 14 मई 2026 को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण निम्हांस बैंगलुरू के सहयोग से संचालित छत्तीसगढ़ कम्यूनिटी मेंटल हेल्थ केयर टेली मॉनिटरिंग प्रोग्राम (CHaMP) के तहत आयोजित हुआ, जिसमें जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के ग्रामीण चिकित्सा सहायकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
प्रशिक्षण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से ग्रसित मरीजों की प्रारंभिक पहचान, प्रभावी काउंसलिंग, परिजनों को जागरूक करने की प्रक्रिया, मानसिक रोगों के उपचार में आवश्यक दवाइयों के उचित उपयोग एवं प्रबंधन सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना तथा आम नागरिकों तक बेहतर उपचार सुविधाएं पहुंचाना रहा।
कार्यशाला में डॉ. सना उस्मानी (एम.डी. साइकियाट्री) के नेतृत्व में विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता, नशे की लत एवं अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के उपचार और मार्गदर्शन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारियों एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायकों की शत-प्रतिशत सहभागिता देखने को मिली, जिसे आने वाले समय में जिले के मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है।

इस आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा तथा जिला नोडल अधिकारी (एनसीडी) डॉ. कमलकांत हतगियाँ का विशेष सहयोग रहा। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को जिले में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में कुल 60 चिकित्सा अधिकारी एवं ग्रामीण चिकित्सा सहायकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के पश्चात अब जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में आने वाले मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मरीजों की बेहतर काउंसलिंग, समय पर पहचान एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Author: Deepak Mittal









