(योगेश राजपूत) गरियाबंद : सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फिंगेश्वर के समस्त चिकित्सा अधिकारियों ने डॉ. व्ही. के. हिरौदिया, जो वर्तमान में प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) हैं, के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगाया है। चिकित्सा अधिकारियों का आरोप है कि डॉ. हिरौदिया उन्हें व्हाट्सएप और मोबाइल कॉल के माध्यम से इस्तीफा देने के लिए दबाव बना रहे हैं और साथ ही वेतन काटने की धमकी भी दी जा रही है।
चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, प्रभारी खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। विशेष रूप से, डॉ. देवेन्द्र कुमार (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) और डॉ. सोमी चन्द्राकर (स्त्री रोग विशेषज्ञ) को बार-बार मानसिक रूप से उत्पीड़ित किया जा रहा है। इसके कारण डॉ. सोमी चन्द्राकर ने त्यागपत्र भी दे दिया है, जिससे क्षेत्र में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में कठिनाई हो रही है।
चिकित्सा अधिकारियों ने आरोप लगाया कि डॉ. हिरौदिया के कार्यों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है और सरकारी कार्यों में अवरोध उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि डॉ. व्ही. के. हिरौदिया को तुरंत पद से हटाकर उनके मूल स्थान पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कौंदकेरा में भेजा जाए।
चिकित्सा अधिकारियों ने यह भी कहा कि डॉ. हिरौदिया द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है और शासन के आदेशों की अवहेलना की जा रही है, जिससे विभाग की छवि को नुकसान हो रहा है।

Author: Deepak Mittal
