छत्तीसगढ़ शासन ने चिकित्सा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर नियमों में अहम संशोधन किया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश अधिनियम, 2002 की धारा 3 सहपठित धारा 4 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए छत्तीसगढ़ चिकित्सा स्नातकोत्तर प्रवेश नियम, 2025 में बदलाव किया है।
संशोधित नियमों के तहत नियम-11 (प्रवेश हेतु सीटों का विभाजन) को प्रतिस्थापित किया गया है।
नए प्रावधान के अनुसार, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में अखिल भारतीय कोटे के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत सीटों के बाद शेष 50 प्रतिशत राज्य कोटे की सीटों पर वही पंजीकृत अभ्यर्थी प्रवेश के पात्र होंगे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से मान्यता प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की हो अथवा जो छत्तीसगढ़ राज्य के सेवारत अभ्यर्थी हों।
वहीं, निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल सीटों के 50 प्रतिशत पर भी केवल वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया हो या जो राज्य के सेवारत अभ्यर्थी हैं। शेष 50 प्रतिशत सीटों को ओपन कोटे के रूप में प्रावीण्यता के आधार पर आवंटित किया जाएगा, जिसमें गैर संस्थागत अभ्यर्थी भी पात्र होंगे।
इसके अलावा, निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की 50 प्रतिशत ओपन सीटों पर राज्य में प्रचलित आरक्षण नियम लागू होंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पात्र अभ्यर्थियों के अभाव में सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो काउंसिलिंग के तृतीय चरण में उन सीटों का रूपांतरण कर गैर संस्थागत अभ्यर्थियों को आवंटित किया जा सकेगा।
Author: Deepak Mittal










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