अंबिकापुर: सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी संभालने वाले शिक्षक की शर्मनाक और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। मैनपाट ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल बालक वंदना में पदस्थ एक शिक्षक महुआ शराब पीकर स्कूल पहुंच गया, जबकि स्कूल में मौजूद वही अकेला शिक्षक था, जिसके भरोसे कक्षा पहली से पांचवीं तक के मासूम बच्चे थे।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल में पदस्थ दो शिक्षकों में से प्रधान पाठिका छुट्टी पर थीं, जबकि दूसरा शिक्षक स्कूल ही नहीं आया। ऐसे में नशे में धुत शिक्षक राज प्रताप सिंह के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा था।
कैमरे के सामने कबूलनामा
ग्रामीणों को जब शिक्षक के नशे में होने की भनक लगी, तो उन्होंने स्थानीय पत्रकारों को सूचना दी। मीडिया के स्कूल पहुंचते ही शिक्षक ने कैमरे के सामने शराब पीने की बात स्वीकार कर ली। उसने कहा कि उसने “20 रुपए की आधा गिलास महुआ शराब” पी है। यही नहीं, कैमरे के सामने ही शिक्षक ने कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई और माफी मांगने लगा। यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
नशे की हालत में शिक्षक के भरोसे स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? घटना के बाद अभिभावकों में भी भारी आक्रोश है।
निलंबन की कार्रवाई जल्द
मामले पर मैनपाट के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई जल्द की जाएगी। विभागीय स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है।
फिलहाल यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर कड़ा सवाल छोड़ गई है कि जिन हाथों में बच्चों का भविष्य है, अगर वही हाथ नशे में हों, तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
Author: Deepak Mittal










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