वृंदावन की पावन धरती पर स्थित रंगमहल मंदिर अपने रहस्यमयी और चमत्कारी स्वरूप के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। भगवान श्री कृष्ण की नगरी में मौजूद यह मंदिर भक्तों के लिए एक ऐसा स्थान है जहाँ आध्यात्मिकता के साथ-साथ अद्भुत घटनाएँ भी घटती हैं, जिन्हें देखकर ईश्वर की मौजूदगी का अनुभव होता है।
रंगमहल मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसका दरवाजा है, जो हर सुबह खुद-ब-खुद खुल जाता है और रात को स्वतः बंद हो जाता है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक दिव्य चमत्कार है। इस मंदिर में रोज़ाना भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के रास रचाने की मान्यता है। इसके लिए मंदिर में मक्खन रखा जाता है, जो भगवान का प्रिय भोजन माना जाता है।
रंगमहल मंदिर की रात की सुरक्षा कड़ी है, शाम होते ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति किसी को नहीं होती। लेकिन सुबह जब मंदिर खुलता है तो वहां भगवान के आने के प्रमाण दिखाई देते हैं। पुजारियों के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण के आराम करने के लिए जो बिस्तर रात को लगाया जाता है, उस पर सुबह सिलवटें और निशान मिलते हैं, जो यह संकेत देते हैं कि यहाँ रात को कोई मौजूद रहा है।
मंदिर के समीप ही एक रहस्यमयी निधि वन है, जहाँ भी कहा जाता है कि भगवान कृष्ण और राधा रानी रास रचाते हैं। यहाँ की एक कथा यह भी है कि जब दो लोगों ने छिपकर इस रास का दर्शन करने की कोशिश की, तो अगली सुबह वे पागल हो गए। इस वन में लोग अपने मन की सच्ची मन्नत लेकर आते हैं और विश्वास करते हैं कि उनकी मनोकामना पूर्ण होगी।
रंगमहल मंदिर और निधि वन की यह अनोखी आस्था और चमत्कारिक घटनाएं इसे आध्यात्मिक अनुभवों की एक अनमोल धरोहर बनाती हैं। यहाँ आकर भक्त न केवल भगवान की भक्ति में लीन हो जाते हैं, बल्कि एक रहस्यमयी और दिव्य अनुभूति का भी आनंद लेते हैं। यही कारण है कि यह मंदिर हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

Author: Deepak Mittal
