जशपुर और बालोद में जमीन विवाद ने ली दो-दो जिंदगियां, हिंसा के बाद तनावपूर्ण हालात

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

जशपुर और बालोद में जमीन विवाद ने ली दो-दो जिंदगियां, हिंसा के बाद तनावपूर्ण हालात

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जमीन विवाद के चलते हुए खूनी संघर्ष ने पूरे इलाके को हिला दिया। घटना पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव की है, जहां दोनों पक्षों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने टांगी और लाठी से वार कर दो लोगों की हत्या कर दी। मृतकों की पहचान चकरो यादव और नान्ही नागवंशी के रूप में हुई है।


घटना की जानकारी

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवादित जमीन पर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष चल रहा था। गुरुवार सुबह मामला हिंसक रूप ले लिया। हमलावरों ने टांगी और लाठी से हमला कर दोनों को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया।

  • कुछ ग्रामीण बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन कुछ लोग घायल भी हुए।

  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और गांव में सुरक्षा बढ़ा दी।


पुलिस कार्रवाई

  • पत्थलगांव थाना पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

  • जशपुर एसपी ने बताया कि हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है।

  • कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी गई है।


बालोद में भी जमीन विवाद में हत्या

इसी तरह की घटना बालोद जिले के मंगचुआ थाना क्षेत्र में 17 अक्टूबर को हुई थी।

  • यहाँ 70 वर्षीय बुजुर्ग जगत राम सिन्हा की जमीन विवाद के चलते हत्या कर दी गई।

  • आरोपी ने मृतक के सिर पर डंडे से हमला किया और हत्या के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

  • आरोपी को जेल भेज दिया गया और मामला दर्ज किया गया।


जमीन विवादों से बढ़ते हिंसक मामले

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में जमीन, बंटवारे और रकबा विवाद के कारण हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है।

  • छोटे विवाद अब घातक रूप ले रहे हैं।

  • ग्रामीण प्रशासन से पंचायत स्तर पर समाधान और पूर्व विवादों को निपटाने की पहल की मांग कर रहे हैं।

पुलिस दोनों ही मामलों में जांच कर रही है और संबंधित धाराओं के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *