केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में महिला और SC-ST अधिकारियों को प्राथमिकता देने के निर्देश

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महत्वपूर्ण पदों पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने राज्यों को केंद्र की सलाह

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर महत्वपूर्ण पदों के लिए महिला अधिकारियों के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर नामित किया जाए, ताकि उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।

कार्मिक मंत्रालय ने इस संबंध में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि केवल उन्हीं अधिकारियों के नाम भेजे जाएं, जिनके कम से कम दो वर्षों तक पदोन्नति के आधार पर राज्य में वापस बुलाए जाने की संभावना न हो।

CSS और CVO पदों पर होगी नियुक्ति

प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने वाले अधिकारियों की नियुक्ति केंद्रीय कर्मचारी योजना (CSS) के तहत विभिन्न पदों पर की जानी है। इसके अलावा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) और अन्य केंद्रीय सरकारी संगठनों में मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) के पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी।
CVO, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की जांच और निगरानी का कार्य करते हैं।

सतर्कता स्थिति की जानकारी देना अनिवार्य

10 दिसंबर को जारी पत्र में कार्मिक मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि नामित अधिकारियों के संबंध में किसी भी जांच, शिकायत या सतर्कता से जुड़ी कार्यवाही का पूरा विवरण भेजा जाए, ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

केंद्र-राज्य समन्वय के लिए अहम है प्रतिनियुक्ति

पत्र में कहा गया है कि राज्यों से अधिकारियों का केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर आना क्षमता निर्माण के साथ-साथ भारत सरकार में राज्य के दृष्टिकोण को मजबूत करने और राज्यों में राष्ट्रीय स्तर की सोच विकसित करने में सहायक होता है।

IAS अधिकारियों के CDR आंकड़ों का भी उल्लेख

कार्मिक विभाग की अतिरिक्त सचिव मनीषा सक्सेना द्वारा जारी पत्र में IAS अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व (CDR) आंकड़ों का भी हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि उचित कैडर प्रबंधन के लिए केंद्रीय कर्मचारी योजना के तहत केंद्र में पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति बेहद जरूरी है।

केंद्र के इस निर्देश को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में विविधता और संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

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Author: Deepak Mittal

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