रायपुर, 12 सितम्बर 2025 – मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और गरियाबंद जिलों में हितग्राही मूलक कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
योजनाओं की प्रगति
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आधार पंजीकरण: प्रभावित जिलों में लगभग 99% से अधिक आबादी का आधार पंजीकरण पूरा।
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किसान सम्मान निधि: करीब 28.18 लाख किसानों को योजना का लाभ।
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जनधन योजना: 26.21 लाख खातों का संचालन।
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आयुष्मान भारत: 35.66 लाख हितग्राही गंभीर बीमारियों के इलाज से लाभान्वित।
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मोबाइल कनेक्टिविटी: ग्रामीण इलाकों में नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे।
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पीडीएस और बैंकिंग: पात्र लोगों को नियमित खाद्यान्न वितरण एवं नई बैंक शाखाओं/डाकघरों की स्थापना।
दिए गए निर्देश
प्रमुख सचिव ने कहा कि –
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सभी मनरेगा हितग्राहियों को जॉब कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत आवास जल्द पूर्ण हों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी आवास उपलब्ध कराए जाएं।
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महतारी वंदन योजना में शेष लाभार्थियों का सर्वे पूरा कर उन्हें लाभान्वित किया जाए।
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आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास योजना के तहत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
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प्राथमिक व माध्यमिक स्तर की भवन-विहीन शालाओं के नए भवन शीघ्र निर्मित हों और दोनों स्तर के विद्यालय एक ही परिसर में संचालित किए जाएं।
उच्च अधिकारियों की उपस्थिति
वीडियो कांफ्रेंस से बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, वित्त सचिव मुकेश बंसल, शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, लोक निर्माण सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, उच्च शिक्षा व कौशल विकास सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम सचिव हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आयुक्त बस्तर संभाग, पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, साथ ही सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
Author: Deepak Mittal










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