अच्छे कोलेस्ट्रॉल को ऐसे बढ़ाएं, बुरे को ऐसे करें कम, डाइट और लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

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Lifestyle: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बेहद जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल अपने आप में नुकसानदायक नहीं होता, बल्कि यह शरीर के कई जरूरी कामों में अहम भूमिका निभाता है। यह हार्मोन, विटामिन D और बाइल एसिड बनाने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है—अच्छा कोलेस्ट्रॉल और बुरा कोलेस्ट्रॉल। जब शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम और बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक हो जाता है, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। अधिक बुरा कोलेस्ट्रॉल आर्टरीज़ में प्लाक जमा कर देता है, जिससे धमनियां सख्त और संकरी हो जाती हैं। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल की बीमारी, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और गॉलस्टोन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखना जरूरी है।

फाइबर और हेल्दी फूड्स का करें सेवन

जिन लोगों का ब्लड कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है, उन्हें फैटी फूड्स कम खाने की सलाह दी जाती है। डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाना फायदेमंद माना जाता है। विशेषज्ञ रोजाना 10 से 25 ग्राम सॉल्युबल फाइबर लेने की सलाह देते हैं, जिससे अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है।

फ्राइड और पैकेज्ड फूड्स खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं, इसलिए इनसे दूरी बनानी चाहिए। इसके बजाय ऑलिव ऑयल, एवोकाडो और नट्स का सेवन करना बेहतर होता है। सैल्मन और मैकेरल जैसी मछलियां भी फायदेमंद मानी जाती हैं। साथ ही फलियां, नट्स और साबुत अनाज जैसी चीजें भी कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करती हैं।

वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी

विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर के वजन का 5 से 10 प्रतिशत तक कम करना भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर में बड़ा बदलाव ला सकता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है। वॉकिंग, स्विमिंग और साइकिलिंग जैसी गतिविधियां खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करती हैं।

स्मोकिंग और शराब से बनाएं दूरी

स्मोकिंग ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाती है और खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकती है। वहीं, शराब का अधिक सेवन भी कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ाने के साथ कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए इनसे दूरी बनाए रखना बेहतर माना जाता है।

ओमेगा-3 और तनाव नियंत्रण भी जरूरी

तनाव भी ऐसे हार्मोन को सक्रिय करता है जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। इसलिए तनाव को नियंत्रित रखना जरूरी है। इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड, सॉल्युबल फाइबर और प्लांट स्टेरोल्स जैसे सप्लीमेंट्स भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है कि डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव कर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखा जा सकता है। साथ ही समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाना भी जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिनमें आनुवंशिक रूप से दिल की बीमारी का खतरा अधिक होता है।

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Author: Deepak Mittal

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