Lifestyle : फैटी लिवर आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने को फैटी लिवर कहा जाता है। पहले यह समस्या अधिकतर शराब के सेवन से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण यह किसी को भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार देर रात खाना, गलत नाश्ता और शारीरिक गतिविधि की कमी फैटी लिवर के प्रमुख कारण हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि रात को देर से खाना खाने से इंसुलिन को आराम नहीं मिल पाता, जिससे लिवर में फैट जमा होने लगता है। वहीं, प्रोटीन रहित नाश्ता या नाश्ता छोड़कर सिर्फ कॉफी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है। इससे दिन में ज्यादा भूख लगती है और ओवरईटिंग की आदत बन जाती है, जो धीरे-धीरे फैटी लिवर की समस्या को बढ़ा देती है।
प्रोटीन और फाइबर युक्त आहार है जरूरी
फैटी लिवर से पीड़ित लोगों को अपने हर भोजन में 30 से 40 ग्राम प्रोटीन और पर्याप्त फाइबर शामिल करना चाहिए। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है, भूख कम लगती है और शरीर का अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे कम होने लगता है। डाइट में दालें, अंकुरित अनाज, पनीर, अंडे, हरी सब्जियां और फल जरूर शामिल करें।
समय पर खाना और एक्सरसाइज
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात का खाना जल्दी खाएं और सोने से कम से कम दो घंटे पहले भोजन कर लें। इससे इंसुलिन लेवल नियंत्रित रहता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। इसके साथ ही रोजाना हल्की से मध्यम एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है, ताकि लिवर सही तरीके से काम कर सके।
इन बातों का रखें खास ध्यान
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दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
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मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाएं
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प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड का सेवन कम करें
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तले-भुने और अधिक फैट वाले खाने से बचें
डॉक्टरों का कहना है कि सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर फैटी लिवर की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और भविष्य में इससे बचाव भी संभव है।
Author: Deepak Mittal










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