अगर शरीर में दिखें ये लक्षण, तो खराब हो सकता है ब्लड सर्कुलेशन

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Deepak Mittal

Lifestyles : हमारे शरीर के सभी अंगों के सही ढंग से काम करने के लिए खून का सही सर्कुलेशन बेहद ज़रूरी होता है। जब ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है, तो ऑक्सीजन और पोषक तत्व शरीर के हर हिस्से तक आसानी से पहुंचते हैं। लेकिन जब खून का बहाव कमजोर पड़ जाता है, तो शरीर खुद इसके संकेत देने लगता है। इन लक्षणों को समय रहते पहचानना और नज़रअंदाज़ न करना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि लंबे समय तक खराब ब्लड सर्कुलेशन गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर ब्लड सर्कुलेशन की स्थिति में ऑक्सीजन युक्त खून शरीर के अंगों तक सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता, जिससे कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

सूजे हुए हाथ-पैर और झुनझुनी
जब धमनियां सिकुड़ जाती हैं, तो हाथों, पैरों और उंगलियों तक खून की सप्लाई कम हो जाती है। इससे लगातार झुनझुनी, सुई-चुभन जैसा एहसास और सूजन हो सकती है। सामान्य स्थिति में थोड़ी देर हिलाने से यह ठीक हो जाता है, लेकिन खराब ब्लड सर्कुलेशन में यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है।

हाथ-पैर का ठंडा रहना
खराब सर्कुलेशन के कारण शरीर के दूर के हिस्सों, जैसे हाथ-पैर और उंगलियों तक पर्याप्त गर्म खून नहीं पहुंच पाता। इस वजह से ये हिस्से अक्सर ठंडे रहते हैं, चाहे मौसम कैसा भी हो।

त्वचा और नाखूनों का नीला पड़ना
ऑक्सीजन की कमी के कारण उंगलियां, नाखून और त्वचा नीली या बैंगनी रंग की दिखाई देने लगती हैं। मेडिकल भाषा में इसे सायनोसिस कहा जाता है। यह एक गंभीर संकेत हो सकता है और इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

चलते समय पैर की मांसपेशियों में दर्द
अगर थोड़ी दूर चलने पर पैरों में दर्द होने लगे और आराम करने पर दर्द ठीक हो जाए, तो यह क्लॉडिकेशन का संकेत हो सकता है। अक्सर लोग इसे उम्र बढ़ने का असर मान लेते हैं, लेकिन कई मामलों में इसकी वजह पैरों तक खून की कम सप्लाई होती है।

नाखूनों और बालों पर असर
खराब ब्लड सर्कुलेशन से पैरों के नाखून कमजोर हो जाते हैं और उनकी ग्रोथ धीमी हो जाती है। इसके अलावा पैरों के बाल झड़ने लगते हैं। ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी के कारण ऐसा होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये लक्षण एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

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Author: Deepak Mittal

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