Homestay Tourism: घर से कमाई का मौका

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Deepak Mittal

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने होमस्टे पर्यटन (Homestay Tourism) को संगठित, समावेशी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नीति आयोग की नई रिपोर्ट “Rethinking Homestays: Navigating Policy Pathways” में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए एक मॉडल पॉलिसी फ्रेमवर्क सुझाया गया है, ताकि होमस्टे सेक्टर को सस्टेनेबल तरीके से विकसित किया जा सके।

नीति आयोग का मानना है कि भारत में होमस्टे पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में नियम, पंजीकरण प्रक्रिया और प्रोत्साहन योजनाएं भिन्न हैं। इस रिपोर्ट का उद्देश्य इन्हें सरल, डिजिटल और एकरूप बनाना है, ताकि आम लोग अपने घर से ही कमाई कर सकें।

इन राज्यों की नीतियां बनीं उदाहरण

रिपोर्ट में कई राज्यों की सफल नीतियों को देशभर में अपनाने की सिफारिश की गई है।

  • गुजरात, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में होमस्टे ऑपरेटरों के लिए आसान और डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया लागू है।

  • गोवा में केवल तीन दस्तावेज—स्वामित्व प्रमाण, पहचान पत्र और (यदि लागू हो) GST—से रजिस्ट्रेशन संभव है।

  • केरल ने क्वोरम-आधारित निरीक्षण प्रणाली अपनाई है।

  • छत्तीसगढ़ में हेरिटेज, ग्रामीण, वन और आदिवासी होमस्टे जैसे अलग-अलग वर्ग बनाए गए हैं।

  • दिल्ली में होमस्टे को रेजिडेंशियल यूनिट मानते हुए बिजली, पानी और संपत्ति कर में रियायत दी जाती है।

सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोर

नीति आयोग की रिपोर्ट में सिंगल-विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होमस्टे रजिस्ट्रेशन और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने की सिफारिश की गई है।
डिजिटल पोर्टल, सेल्फ-डिक्लेरेशन और न्यूनतम निरीक्षण के जरिए प्रशासनिक बोझ कम करने और तेजी से होमस्टे शुरू करने पर जोर दिया गया है।

कम विकसित क्षेत्रों में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रिपोर्ट में होमस्टे पर्यटन को बड़े शहरों तक सीमित न रखकर कम विकसित और ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाने की रणनीति भी सुझाई गई है। इसके तहत—

  • कम्युनिटी-बेस्ड एक्सपीरियंस: कला कार्यशालाएं, स्थानीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियां, गाइडिंग और एडवेंचर ट्रेल्स।

  • एंकर हब और थीमैटिक सर्किट्स: बड़े पर्यटन केंद्रों के साथ आसपास के होमस्टे को जोड़कर नेटवर्क तैयार करना।

  • वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन: क्षेत्र आधारित सब्सिडी, टियर-आधारित लाभ, तकनीकी सहायता और रेजिडेंशियल दरों पर सुविधाएं।

स्थायी और स्थानीय रोजगार का नया रास्ता

नीति आयोग ने साफ किया है कि होमस्टे पर्यटन को सिर्फ आवास की सुविधा नहीं, बल्कि स्थायी, आर्थिक रूप से लाभकारी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
इस पहल से स्थानीय समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण संतुलन के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार और नीति आयोग की यह पहल संकेत देती है कि आने वाले समय में होमस्टे टूरिज्म आम लोगों के लिए घर बैठे कमाई का बड़ा जरिया बन सकता है।

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Author: Deepak Mittal

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