जेलों में अवैध वसूली पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब..

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

रायपुर। प्रदेश की जेलों में कैदियों और उनके परिजनों से की जा रही अवैध वसूली को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है।

बीते कल  सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की खंडपीठ ने राज्य सरकार और जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जेलें सुधारगृह कहलाती हैं, लेकिन यहां भ्रष्टाचार और जबरन वसूली की शिकायतें बेहद चिंताजनक हैं।

अदालत ने डीजी (जेल) एवं सुधार सेवाएं से यह स्पष्ट करने को कहा कि अब तक दोषी पाए गए जेलकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और उसके नतीजे क्या रहे। विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई की तारीख 22 सितंबर 2025 को पेश करनी होगी।

हाईकोर्ट को सौंपे गए हलफनामे में खुलासा हुआ है कि दुर्ग सेंट्रल जेल से अब तक 87 अवैध वसूली के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से छह मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, पांच मुकदमे लंबित हैं, एक आरोपी बरी हो चुका है और एक मामले की जांच जारी है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जेल के बाहर स्थित एक नाश्ता केंद्र के मोबाइल नंबर से फोन-पे के जरिए कैदियों के परिजनों से रकम वसूली गई।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जांजगीर-चांपा जिला जेल में दो गार्डों द्वारा कैदी के परिजनों से पैसों की मांग का आरोप साबित हुआ। पुलिस जांच के बाद जिला जेल अधीक्षक ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा। वहीं, सारंगढ़-बिलाईगढ़ उपजेल में कैदियों से वसूली और मारपीट का मामला सामने आया, जिसमें छह आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है और केस वर्तमान में ट्रायल कोर्ट में लंबित है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment