देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और 17 जून 2025 को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सबसे बड़ी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। कई राज्यों में रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट लगाया गया है।
कुछ जगहों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी संभावना है। जानिए आज किन इलाकों में सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने बताया है कि गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। यहां रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में जलभराव, बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। लोगों से घर में रहने की सलाह दी गई है और यात्रा को टालने की अपील की गई है।
कोंकण और गोवा में भी खतरे के संकेत
कोंकण और गोवा में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जो चेतावनी स्तर की बारिश को दर्शाता है। समुद्र किनारे बसे इन इलाकों में तेज हवाएं, लहरें और बिजली गिरने का भी खतरा बताया गया है।
कर्नाटक में तीन हिस्सों में बारिश
कोस्टल कर्नाटक, साउथ इंटीरियर कर्नाटक और नॉर्थ इंटीरियर कर्नाटक — इन तीनों हिस्सों में भी आज भारी बारिश होने की संभावना है। यहां ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसानों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी मौसम बिगड़ सकता है
दक्षिण भारत के दो प्रमुख केंद्र तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान है। यहां भी कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित हो सकता है। IMD ने यहां के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में भी बदलेगा मौसम
उत्तर भारत में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। खासतौर पर उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए पहाड़ों पर जाने वाले लोगों को पहले मौसम अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।
क्या होता है रेड और ऑरेंज अलर्ट?
- रेड अलर्ट: बहुत भारी बारिश की चेतावनी, जीवन और संपत्ति को नुकसान की आशंका, प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी होती है।
- ऑरेंज अलर्ट: भारी बारिश की संभावना, सतर्कता और निगरानी जरूरी, लोगों को गैर जरूरी यात्रा से बचना चाहिए।
क्या करें और क्या न करें?
- यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर चेक करें।
- बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
- मोबाइल पर मौसम ऐप या अलर्ट सेवाएं एक्टिव रखें।
- तेज बारिश में पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों।
- स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
Author: Deepak Mittal









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