दल्लीराजहरा के गोल्डी विपिन जैन ने लोन वसूली के नाम पर ‘गुंडागर्दी’ कर घर में घुस बेल्ट से पीटा, धमकी दी

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बालोद। छत्तीसगढ़ के शांत कहे जाने वाले बालोद जिले में एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दल्लीराजहरा के कमल ऑटो के मालिक और कथित फाइनेंसर गोल्डी विपिन जैन पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने दो गुर्गों के साथ मिलकर एक गरीब परिवार के घर में घुसकर बेल्ट से बर्बर पिटाई की, जान से मारने की धमकी दी, और जबरन स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए।

ये घटना महज़ 50 हजार रुपये के लोन की वसूली के नाम पर अंजाम दी गई, जबकि इस लोन से जुड़ा चेक बाउंस का मामला पहले से ही कोर्ट में लंबित है।

गोल्डी विपिन जैन ने दरवाजे पर लात मारी कमरे में बंद कर बेल्ट से पीटा

घटना 12 मई की दोपहर की है, जब हीरापुर गांव निवासी गोविंदा साहू के घर में गोल्डी विपिन जैन और उसके दो साथी जबरन घुस आए। दरवाजा तोड़ते हुए अंदर घुसे और गंदी-गंदी गालियां देते हुए बोले – “मुझे नहीं पहचानता? मैं दल्लीराजहरा कमल ऑटो का मालिक गोल्डी हूं।”

इसके बाद उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और बेल्ट निकाल कर गोविंदा को पीटना शुरू कर दिया, मानो वह कोई इंसान नहीं, बल्कि उनका गुलाम हो।

कोर्ट में केस चल रहा है, फिर भी धमकी – “खानदान खत्म कर देंगे”

जब गोविंदा के पिता और भाई ने समझाया कि लोन से जुड़े मामले की पेशी रायपुर कोर्ट में है, और पैसे कानूनी तरीके से चुकाए जाएंगे, तब गोल्डी जैन और उसके साथियों का गुस्सा और भड़क उठा।

“10 दिन में पैसा नहीं दिया तो पूरे खानदान को खत्म कर दूंगा,” – ऐसी खुली धमकी देकर वह चले गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट और गाली-गलौज साफ देखी जा सकती है।

स्टाम्प पेपर पर जबरन साइन, चेक का दुरुपयोग की आशंका

गोविंदा साहू ने बताया कि दल्ली राजहरा के कमल ऑटो संचालक गोल्डी विपिन जैन ने जबरदस्ती अंग्रेजी में टाइप किए गए स्टाम्प पेपर पर उनसे, उनके भाई और पिता से हस्ताक्षर करवा लिए। साथ ही आरोप लगाया कि बचे हुए दो ब्लैंक चेक का गलत इस्तेमाल करने की पूरी आशंका है।

आरोपियों पर दर्ज हुआ केस, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

बालोद पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 115(2), 127(2), 296, 3(5), 333 एवं 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोल्डी विपिन जैन और उसके दोनों साथियों की जल्द गिरफ्तारी संभव है।

अब सवाल ये है: क्या चंद पैसों के लिए इस तरह खुलेआम गुंडागर्दी की इजाज़त दी जा सकती है? क्या कोर्ट में लंबित मामला होने के बावजूद कानून हाथ में लेने वालों को सज़ा नहीं मिलेगी?

यदि इस तरह की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी का कानून पर से भरोसा उठ जाएगा,,

क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी,,

बालोद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कहते हैं कि कानून को हाथ में लेने वालो के खिलाफ में कड़ी कार्रवाई की जाएगी शीघ्र ही गिरफ्तारी कर मामला न्यायालय में पेश किया जाएगा,,

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Author: Deepak Mittal

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