शैलेश शर्मा 9406308437नवभारत टाइम्स 24×7.in जिला ब्यूरो रायगढ़
घरघोड़ा!घरघोड़ा नगर पंचायत में इस बार का चुनाव पूरी तरह से रोमांचक और अप्रत्याशित होने की ओर बढ़ रहा है। अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के कारण राजनीतिक दलों और स्वतंत्र दावेदारों के बीच होड़ तेज हो गई है। प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस में जहां कई बड़े नाम मैदान में हैं, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार भी समीकरण बिगाड़ने या बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
भाजपा में मुकाबला दिलचस्प
भाजपा से इस बार सुनील ठाकुर, जनेश्वर मिश्रा और रितेश शर्मा के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इन तीनों नामों के साथ पार्टी में आंतरिक रणनीतियां और निर्णय प्रक्रिया अब सबसे अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भाजपा को यह तय करना होगा कि इन तीनों में से किसे टिकट दिया जाए, क्योंकि तीनों की अपनी अलग पहचान और समर्थक वर्ग है।
कांग्रेस के दावेदारों की लंबी सूची
कांग्रेस में दावेदारी के लिए सुरेंद्र सिंह चौधरी, उस्मान बेग, सोमदेव मिश्रा और सन्नू अग्रवाल के नाम चर्चा में हैं। पार्टी को इन नामों में से किसी एक को चुनना होगा, और इस निर्णय का असर सीधे चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा। कांग्रेस में गुटबाजी और आंतरिक समीकरणों के चलते टिकट वितरण चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
अनारक्षित सीट: समीकरण बदले, दांव उलझा
अनारक्षित सीट होने के कारण इस बार जातिगत और सामाजिक समीकरणों का प्रभाव भी कम होगा। उम्मीदवारों को अपनी छवि, पकड़ और कार्यशैली से जनता को लुभाना होगा। लोकल चुनाव में यह बात आमतौर पर देखी जाती है कि पार्टी के बजाय व्यक्ति का प्रभाव अधिक होता है।
प्रत्यक्ष प्रणाली: जनता करेगी सीधा फैसला
इस बार चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा, यानी मतदाता सीधे अध्यक्ष को चुनेगा। पिछले चुनाव में अप्रत्यक्ष प्रणाली के कारण पार्षदों और पार्टी संगठन का अधिक प्रभाव था। लेकिन इस बार उम्मीदवारों को जनता के सामने खुद को साबित करना होगा। यह बदलाव सभी दलों के लिए एक नई चुनौती लेकर आया है।
पिछले कार्यकाल का होगा मूल्यांकन
वोटर्स इस बार पिछले कार्यकाल का भी आकलन करेंगे। जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि नगर पंचायत के कुछ इलाकों में विकास कार्य सुव्यवस्थित ढंग से हुए, जबकि कुछ क्षेत्रों में काम महज औपचारिकता तक सीमित रहे। ऐसे में जनता इस बात को जरूर देखेगी कि किसने उनके हित में काम किया और किसे मौका देना चाहिए।
समीकरण और चुनावी गणित
भाजपा के सुनील ठाकुर, जनेश्वर मिश्रा और रितेश शर्मा, तथा कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह चौधरी, उस्मान बेग, सोमदेव मिश्रा और सन्नू अग्रवाल के बीच मुकाबला रोचक होगा। इसके अलावा, निर्दलीय उम्मीदवार भी खेल बिगाड़ सकते हैं। अनारक्षित सीट के कारण हर उम्मीदवार को अपनी व्यक्तिगत छवि, लोकल कनेक्ट और वोटर्स के बीच भरोसा कायम करना होगा।
घरघोड़ा नगर पंचायत चुनाव इस बार न केवल राजनीति के नए आयाम तय करेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि जनता विकास और नेतृत्व में किसे बेहतर मानती है। मतपेटियों के खुलने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि कौन बाजी मारेगा और कौन पिछड़ जाएगा।
चुनाव का हर मोड़ दिलचस्प, हर फैसला ऐतिहासिक। घरघोड़ा इस बार तय करेगा—कौन होगा उसका सच्चा रहनुमा।
Author: Deepak Mittal










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