जे के मिश्र
जिला ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in बिलासपुर
बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे की गिरफ्तारी से नाराज़ एनएचएम कर्मियों ने शुक्रवार को सिविल लाइन थाना का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। पिछले 13 दिनों से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का सब्र तब टूट गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की कोशिश नाकाम हो गई और इसी दौरान पुलिस ने उनके प्रदेश अध्यक्ष को हिरासत में ले लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, एनएचएम कर्मचारी डॉ. रमन सिंह को ज्ञापन सौंपने के उद्देश्य से विश्रामगृह पहुंचे थे। मुलाकात नहीं होने से नाराज़ कर्मचारियों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस ने प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाना भेज दिया। यह खबर फैलते ही कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मी थाने पहुंच गए।
महिला कर्मियों से भी बदसलूकी का आरोप
एनएचएम जिला अध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि ज्ञापन सौंपने के लिए शांतिपूर्वक पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला कर्मचारियों से धक्का-मुक्की की, जिससे कर्मचारियों में रोष गहराता गया। उन्होंने कहा कि बीते 13 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद निंदनीय है।
रिहाई की मांग पर अड़े कर्मी
थाने के बाहर जुटे कर्मचारियों ने अध्यक्ष की अविलंब रिहाई की मांग को लेकर धरना देने की चेतावनी दी है। खबर लिखे जाने तक कर्मचारी सिविल लाइन थाने के सामने डटे रहे और ‘प्रांत अध्यक्ष को रिहा करो’ जैसे नारे लगाते रहे।
एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा। साथ ही अगर प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो पूरे राज्य में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
एक ओर जहां स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही हड़ताल की वजह से प्रभावित हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की गिरफ्तारी और टकराव ने हालात को और गंभीर बना दिया है। देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति से कैसे निपटता है और क्या कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक पहल होती है या नहीं।
इस गिरफ्तारी का विरोध तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष पवन शर्मा ने की एवं सरकार से आग्रह किया किया कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करे
Author: Deepak Mittal









