नई दिल्ली/रायपुर: महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने 21.45 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इस कार्रवाई से सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
ईडी के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियों में 98.55 लाख रुपये की चल संपत्ति और भारत व दुबई में स्थित 27 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें आवासीय मकान, व्यवसायिक दुकानें, कृषि भूमि और लग्जरी अपार्टमेंट शामिल बताए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि ये सभी संपत्तियां अवैध सट्टेबाजी से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं।
ईडी ने बताया कि इस कार्रवाई में महादेव ऑनलाइन बुक के मुख्य प्रमोटर और फरार आरोपी रवि उप्पल की दुबई स्थित करीब 6.75 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक रवि उप्पल लंबे समय से दुबई में रहकर पूरे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
इसके अलावा, सौरभ चंद्राकर के करीबी सहयोगी रजत कुमार सिंह की भिलाई और दुबई स्थित संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। रजत कुमार सिंह पर 15 से 20 करोड़ रुपये की अवैध कमाई अर्जित करने का आरोप है। वहीं सौरभ आहूजा और विशाल रमानी की दुर्ग और भिलाई स्थित संपत्तियां भी ईडी की कार्रवाई के दायरे में आई हैं। इन पर करीब 100 पैनल संचालित कर लगभग 30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है।
ईडी की कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। विनय कुमार और हनी सिंह की जयपुर और नई दिल्ली स्थित आवासीय संपत्तियों के साथ-साथ उनके लग्जरी वाहन—महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर—भी अटैच किए गए हैं। दोनों पर करीब 7 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है। इसके अलावा लकी गोयल की राजस्थान स्थित दुकानें और प्लॉट भी कुर्क किए गए हैं। लकी गोयल पर टेलीग्राम के जरिए प्रचार कर 2.55 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है। दुबई में बैठे ऑपरेटर राजा गुप्ता की रायपुर स्थित एक अचल संपत्ति को भी ईडी ने अटैच किया है।
ईडी के मुताबिक यह जांच छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि यह अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर 247 जैसे डोमेन के जरिए अवैध सट्टेबाजी सेवाएं चला रहा था। पूरा नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करता था, जिसमें स्थानीय पैनल ऑपरेटर सट्टेबाजी संभालते थे और मुख्य प्रमोटर दुबई से संचालन करते थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध कमाई को छिपाने के लिए हजारों फर्जी और डमी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। अब तक ईडी देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अब तक 2,621 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त, फ्रीज या अटैच की जा चुकी हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस केस में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और 5 अभियोजन शिकायतों में 74 व्यक्तियों व संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों की कुर्की तथा गिरफ्तारियां संभव हैं। यह कार्रवाई देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक मानी जा रही है।
Author: Deepak Mittal










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