नई दिल्ली: सबरीमाला मंदिर से संबंधित सोने और अन्य मंदिर संपत्तियों के कथित गबन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी के कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय की टीमें सुबह से ही विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। यह जांच केरल अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई है, जिनमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के कुछ अधिकारियों, निजी व्यक्तियों, बिचौलियों और जौहरियों की कथित संलिप्तता सामने आई है।
ईडी ने अदालत से अनुमति मिलने के बाद 9 जनवरी 2026 को इस मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सोने से ढकी पवित्र कलाकृतियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में जानबूझकर “तांबे की प्लेट” दर्शाया गया और 2019 से 2025 के बीच मंदिर परिसर से गैरकानूनी रूप से हटाया गया।
अधिकारियों का दावा है कि चेन्नई और कर्नाटक में स्थित निजी ठिकानों पर रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए कथित तौर पर सोना निकाला गया, जिससे अपराध से अर्जित आय पैदा हुई। इस धन को बाद में छिपाया गया और अलग-अलग माध्यमों से स्थानांतरित किया गया।
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान का उद्देश्य अपराध से प्राप्त धन का पता लगाना, लाभार्थियों की पहचान करना, आपत्तिजनक दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त करना तथा मनी लॉन्ड्रिंग की पूरी कड़ी को उजागर करना है। जांच के दौरान सबरीमाला मंदिर से जुड़ी अन्य वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे व अनुष्ठानों से संबंधित धन के दुरुपयोग के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच पीएमएलए के तहत की जा रही है।
Author: Deepak Mittal










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