CGPSC  मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, पांच ठिकानों पर छापेमारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने 1 सितंबर को रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ED की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), ACB रायपुर और CBI, ACB रायपुर में दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू हुई थी। इन मामलों में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत अन्य लोगों के खिलाफ वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता, हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

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ED की जांच में सामने आया कि CGPSC परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर आरोपियों के रिश्तेदारों और कुछ चयनित अभ्यर्थियों तक निजी बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाए गए। इसके बदले अवैध रूप से रकम लिए जाने और इस प्रक्रिया के जरिए डिप्टी कलेक्टर तथा डिप्टी एसपी जैसे वरिष्ठ पदों पर फर्जी तरीके से चयन सुनिश्चित कराने का आरोप है।

जांच के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भरोसा देकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से नकद रकम जुटाई। ED के अनुसार इस तरह तीन करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) पैदा हुई, जिसमें करीब 2.80 करोड़ रुपये अनिल चंद्राकर को सौंपे गए।

 

ED के अनुसार उत्कर्ष चंद्राकर ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रभावित करने और उनसे रकम वसूलने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक (PA) और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ OSD के नाम, पद और प्रभाव का इस्तेमाल किया।

 

ED ने बताया कि मामले में इससे पहले 3 जून 2026 को भी तलाशी ली गई थी। जुटाए गए साक्ष्यों, PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों, मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उत्कर्ष चंद्राकर की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे 1 सितंबर को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।

तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और जांच से संबंधित अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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Author: Deepak Mittal

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