ब्लड कैंसर के शुरुआती लक्षण जिन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

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Lifestyles: कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिससे प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कैंसर कई प्रकार के होते हैं, जिनमें ब्लड कैंसर भी शामिल है। ब्लड कैंसर बोन मैरो में शुरू होता है और शरीर की रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इसे Leukemia भी कहा जाता है। इसके अलावा Lymphoma और Multiple Myeloma भी ब्लड कैंसर के प्रमुख प्रकार हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसके शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती जांच और उपचार से मरीज की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

बुखार और रात में अत्यधिक पसीना

ब्लड कैंसर के शुरुआती चरण में गर्दन या बगल में दर्द रहित, रबर जैसी गांठें महसूस हो सकती हैं। यदि ये गांठें कई हफ्तों तक बनी रहें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। यह लिम्फोमा का शुरुआती संकेत हो सकता है।
इसके अलावा लगातार तेज बुखार और रात में अत्यधिक पसीना आना भी गंभीर लक्षण हैं, जो ल्यूकेमिया से जुड़े हो सकते हैं।

अचानक वजन घटना और एनीमिया

कम समय में बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन कम होना भी चेतावनी संकेत है। कैंसर कोशिकाएं शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं, जिससे वजन घट सकता है।
ब्लड कैंसर खून बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे एनीमिया हो सकता है। एनीमिया के लक्षणों में अत्यधिक थकान, त्वचा का पीला पड़ना और हल्की गतिविधि में भी सांस फूलना शामिल है।

मसूड़ों से खून और हड्डियों में दर्द

ब्लड कैंसर के मरीजों को मसूड़ों से खून आना, छोटी चोट में अधिक रक्तस्राव और आसानी से शरीर पर नीले निशान पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कुछ मामलों में हड्डियों में दर्द, बार-बार फ्रैक्चर या लगातार पीठ दर्द भी देखने को मिलता है।

पेट दर्द और लिवर बढ़ना

कुछ प्रकार के लिम्फोमा में पेट में तेज दर्द, अपच और लिवर का बढ़ना जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि ये लक्षण टीबी, डेंगू, वायरल बुखार या आयरन की कमी जैसी अन्य बीमारियों में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए घबराने की बजाय लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेकर आवश्यक जांच करवाना जरूरी है।

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Author: Deepak Mittal

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