दंतेवाड़ा में 1, 2 और 3 अप्रैल को संभाग स्तरीय ’’बस्तर पंडुम’’ का आयोजन

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Deepak Mittal

’’बस्तर पंडुम 2025’’
डी. पी. मिश्रा, ब्यूरो चीफ, बस्तर संभाग, नवभारत टाइम्स 24×7


संभाग के सभी जिलों के विजेता प्रतिभागियों का होगा सांस्कृतिक प्रदर्शन

बस्तर संभाग, छत्तीसगढ़, जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ-साथ अपनी समृद्ध लोककला, शिल्पकला, तीज-त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य, गीत-संगीत और नाट्य परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। इस सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और जनजातीय कलाकारों के प्रोत्साहन हेतु संभाग स्तरीय ’’बस्तर पंडुम 2025’’ का आयोजन आगामी 1, 2 और 3 अप्रैल 2025 को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में किया जाएगा।

इस भव्य आयोजन में सुकमा, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कांकेर जिलों के विजेता सांस्कृतिक दल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

तैयारियों को लेकर जिला पंचायत सीईओ की बैठक

इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आज जिला कार्यालय के डंकनी सभा कक्ष में जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा ने नोडल अधिकारियों की आवश्यक बैठक ली। बैठक में प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों पर चर्चा की गई, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया:

  • प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था
  • आवागमन हेतु वाहनों की सुविधा
  • कला एवं संस्कृति से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियाँ
  • विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण
  • प्रतियोगिता स्थल पर बांस-बल्ली, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था एवं चिकित्सा सुविधाएँ
  • टेंट, पंडाल, मंच, साउंड सिस्टम, लाइटिंग और जनरेटर की व्यवस्था
  • विद्युत आपूर्ति, स्थल का समतलीकरण, साफ-सफाई, पेयजल एवं चलित शौचालय की व्यवस्था
  • फायर ब्रिगेड और विशेष अतिथियों के समन्वय के लिए लाईजनिंग

इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

’’बस्तर पंडुम 2025’’ न केवल स्थानीय कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का माध्यम बनेगा, बल्कि जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनकी कला को एक नई पहचान देने का अवसर भी प्रदान करेगा।

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Author: Deepak Mittal

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