नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशीला तिरिया का रविवार शाम एम्स में इलाज के दौरान 69 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से कांग्रेस पार्टी और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुशीला तिरिया को 8 जनवरी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और वे आईसीयू में उपचाराधीन थीं। लंबे इलाज के बावजूद रविवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।
आज उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस भवन लाया गया, जहां वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मौन प्रार्थना कर दिवंगत नेता को याद किया गया। उनका अंतिम संस्कार ओडिशा के बारीपाड़ा में किया जाएगा।
सुशीला तिरिया का राजनीतिक सफर बेहद उल्लेखनीय रहा। वे 1986 में राज्यसभा के लिए चुनी गईं और इसके बाद 1994 व 1996 में मयूरभंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार सांसद रहीं। वे एक प्रमुख आदिवासी महिला नेता थीं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी समुदायों के अधिकारों और हितों के लिए संघर्ष को समर्पित किया।
उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य के रूप में भी लंबे समय तक पार्टी को सेवाएं दीं। उनके निधन को कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।
Author: Deepak Mittal









