संवाद से समाधान अभियान के तहत डीसीपी पश्चिम ज़ोन रायपुर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम

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रायपुर: राजधानी रायपुर के डीसीपी पश्चिम ज़ोन में “संवाद से समाधान” अभियान के अंतर्गत लगातार व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम संदीप पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में यह अभियान स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और कॉलोनियों तक पहुंचकर नागरिकों को सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक कर रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना तथा जागरूकता के माध्यम से समाधान प्रस्तुत करना है। अभियान के तहत साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों को लेकर निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी, एसीपी और सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय रूप से इस अभियान को संचालित कर रहे हैं।

थाना क्षेत्रवार आयोजित हुए कार्यक्रम
अभियान के अंतर्गत विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। थाना आजाद चौक क्षेत्र के आर.डी. तिवारी स्कूल, आमापारा में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता की जानकारी दी गई। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में साइंस कॉलेज में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं चौबे कॉलोनी के रावण दहन मैदान में नागरिकों से संवाद किया गया।

कबीर नगर थाना क्षेत्र के होली हार्ट्स स्कूल, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के नगर माता बिन्नी बाई आत्मानंद स्कूल भाठागांव और कुशालपुर मिट्टी खदान में कार्यक्रम हुए। डीडी नगर थाना क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ कॉलोनी फेज-2 सरोना, गिरिजा शंकर प्राथमिक शाला रायपुर तथा वेंकटेश होटल में बैंक प्रतिनिधियों और व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

इसके अलावा आमानाका थाना क्षेत्र के अटल आवास और ग्राम तेंदुआ, न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के महात्मा गांधी नगर अमलीडीह और आदर्श नगर, टिकरापारा थाना क्षेत्र के कमल विहार और बस स्टैंड भाठागांव में बस संचालकों व एजेंट्स के साथ बैठक तथा मुजगहन थाना क्षेत्र के ग्राम दतरेंगा में ग्रामीणों से संवाद किया गया।

साइबर जागरूकता पर विशेष जोर
कार्यक्रमों में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने अनजान कॉल, लालच या डर दिखाकर किए जाने वाले लेन-देन से सतर्क रहने की समझाइश दी। ऑनलाइन ठगी, फर्जी लोन ऐप, सोशल मीडिया अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड के तरीकों के बारे में बताया गया। साथ ही संदिग्ध लिंक, एप्लीकेशन (APK) और अनजान कॉल से बचने की सलाह दी गई।
साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने और साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर जानकारी
महिला और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी देते हुए दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम और POCSO एक्ट के बारे में बताया गया। साथ ही महिला हेल्पलाइन 1091, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 के उपयोग की जानकारी दी गई।

ग्रामीण सुरक्षा और सामाजिक संदेश
ग्रामीणों को गांव में आने-जाने वाले अनजान व्यक्तियों पर नजर रखने, संदिग्ध लोगों की जानकारी व फोटो सुरक्षित रखने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में नशामुक्त जीवन, महिलाओं के प्रति सम्मान और यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया गया। हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, नियंत्रित गति रखने और नियमों का पालन करने की अपील की गई।

जनजागरूकता कार्यक्रमों को नागरिकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। लोगों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि “संवाद से समाधान” अभियान के माध्यम से समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता और साइबर साक्षरता को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

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Author: Deepak Mittal

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