रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक और नारी सशक्तिकरण की अग्रदूत स्वर्गीय सावित्रीबाई फुले की जयंती (3 जनवरी) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिला शिक्षा की ज्योति जलाई, जब समाज कुरीतियों, रूढ़ियों और असमानताओं में जकड़ा हुआ था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने न केवल महिलाओं को शिक्षित होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। छुआछूत, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के खिलाफ उनका संघर्ष साहस, दृढ़ संकल्प और सामाजिक चेतना का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि स्त्री अधिकारों, समानता और शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान अमूल्य और अविस्मरणीय है। उनके विचार और कर्म आज भी समाज को प्रगतिशील दिशा देने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं और एक समतामूलक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
Author: Deepak Mittal









