अरावली का उदाहरण देकर बोले भागवत—अंधाधुंध विकास ने आने वाली पीढ़ियों को खतरे में डाला
रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत और संघ गतिविधियों के लिहाज से आज का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत से मुलाकात की। इसके बाद सीएम साय सोनपैरी में आयोजित हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता और संघ से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर RSS चीफ
डॉ. मोहन भागवत इन दिनों तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। इस क्रम में उन्होंने आज रायपुर एम्स में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर युवाओं से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विकास, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
अरावली पर्वतमाला का जिक्र कर जताई चिंता
सरसंघचालक मोहन भागवत ने अरावली पर्वत श्रृंखला का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया आज तक ऐसा विकास मॉडल तैयार नहीं कर पाई है, जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण बिना नुकसान के साथ-साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने चेताया कि अगर अंधाधुंध विकास इसी रफ्तार से चलता रहा, तो आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरणीय असंतुलन की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
युवाओं से खास अपील
डॉ. भागवत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सिर्फ करियर और रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी जिम्मेदारी समझें।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे फैसले भी बड़ी सकारात्मक शुरुआत बन सकते हैं, बशर्ते सोच संतुलित हो।
युवाओं में बढ़ते नशे पर गंभीर चिंता
RSS प्रमुख ने युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति को लेकर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का यूथ अंदर से अकेलापन महसूस कर रहा है।
परिवारों में संवाद की कमी और रिश्तों में दूरी की वजह से मोबाइल और नशा युवाओं के लिए आसान विकल्प बनते जा रहे हैं।
उन्होंने दो टूक कहा—
“अगर परिवार के भीतर बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा, तो बाहर की बुरी आदतों की पकड़ अपने-आप कमजोर हो जाएगी।”
समाज और परिवार की साझा जिम्मेदारी
मोहन भागवत ने समाज और परिवार दोनों से अपील की कि वे मिलकर ऐसा माहौल बनाएं, जिसमें युवा अकेलेपन से भागकर नशे की ओर नहीं, बल्कि सकारात्मक और सार्थक गतिविधियों की ओर बढ़ें।
👉 सीएम साय और RSS चीफ की इस मुलाकात व सम्मेलन को छत्तीसगढ़ की सामाजिक-राजनीतिक दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जहां विकास के साथ-साथ संस्कृति, पर्यावरण और युवा भविष्य पर गहन मंथन हुआ।
Author: Deepak Mittal









