भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो विद्युत सुविधाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने, विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण तथा सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

पीएम सूर्यघर योजना पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल की स्थापना और रखरखाव प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टॉलेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर योजना और स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

लंबित बिजली बिल और बस्तर क्षेत्र पर फोकस

मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में राज्य की ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है। इसके साथ ही 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार और ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की।

अधिकारियों ने दी विस्तृत प्रस्तुति

ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, तथा सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल और सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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