रायपुर, 14 सितंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता और धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) रहे चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 11 सितंबर को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
ED के अनुसार, CGPSC राज्य सेवा परीक्षा वर्ष 2020 और 2021 में कथित भ्रष्टाचार, हेराफेरी और अनियमितताओं की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। इस मामले में पहले CBI ने तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष तामन सिंह सोनवानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर आरोप पत्र पेश किया था।

जांच एजेंसी का आरोप है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा-2021 के विभिन्न अभ्यर्थियों से प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर 3 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि वसूली। ED की जांच में चेतन बोरघरिया के नाम और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके पद का कथित रूप से इन आश्वासनों से संबंध सामने आया है।
ED के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए। प्रारंभिक परीक्षा से पहले रायपुर के एक मैरिज पैलेस में अभ्यर्थियों को एकत्र कर कथित लीक प्रश्नपत्र बांटे गए। इसके बाद मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों के आधार पर एक रिसॉर्ट में कोचिंग दिए जाने का भी आरोप है।
जांच के दौरान चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में संबंधित अवधि में 170 लेनदेन के माध्यम से कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। ED ने चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेनदेन होने का भी दावा किया है।
इससे पहले 1 सितंबर को ED ने चेतन बोरघरिया के ठिकानों पर तलाशी ली थी, जहां मोबाइल फोन सहित कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। फॉरेंसिक जांच में कथित रूप से वित्तीय लेनदेन और पैसे की मांग एवं भुगतान से जुड़े संवाद मिलने की बात कही गई है।
ED ने कहा कि जांच में जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर चेतन बोरघरिया की अपराध से प्राप्त आय से संबंधित गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत, रायपुर में पेश किया गया, जहां अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए छह दिन की ED रिमांड मंजूर की है।
मामले की आगे की जांच जारी है।
Author: Deepak Mittal









