जातिगत जनगणना हिन्दुओं को बांटने की साजिश: विष्णु शंकर जैन..

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( जे के मिश्र)  : बिलासपुर: जातिगत जनगणना को हिन्दू समाज को बांटने की साजिश बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि भारत में जाति और धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि कर्म के आधार पर समाज का विभाजन होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे किसी भी जाति या धर्म का हो, अगर वह देश की रक्षा के लिए सीमा पर लड़ता है, तो वह क्षत्रिय कहलाने का हकदार है। जन्म के आधार पर जातिगत गणना करना गलत है और हिन्दू समाज को बांटने की साजिश है।

जैन ने कहा कि हिन्दू समाज में ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज में भी जाति की व्यवस्था है। मंडल आयोग की रिपोर्ट में भी मुस्लिम समाज में जातियों का जिक्र किया गया है। इसलिए समाज को एकजुट होकर जातिगत जनगणना का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जनगणना करनी है, तो संविधान के अनुसार सूची 1 और सूची 2 के आधार पर होनी चाहिए।

मंदिरों को हिन्दू समाज के आध्यात्मिक केंद्र बताते हुए कहा…
विष्णु शंकर जैन ने वंदे मातरम मित्र मंडल के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित व्याख्यानमाला में कहा कि हिन्दू समाज वर्तमान में एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की आस्था और पहचान पर लगातार हमले हो रहे हैं।

अगर हिन्दू समाज अपनी आस्था और धर्म के प्रति सच्चे रहेंगे, तो धर्मांतरण को रोका जा सकता है। मंदिर हिन्दू समाज के आध्यात्मिक केंद्र हैं और इन्हें मुक्त करना अत्यंत आवश्यक है।

राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक जीत बताते हुए उन्होंने कहा कि यह हिन्दू समाज की बड़ी सफलता थी। अब काशी विश्वनाथ और मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि के मामलों में भी संघर्ष जारी है।

ज्ञानवापी मंदिर मामले का जिक्र करते हुए जैन ने कहा कि वहां की लड़ाई में हिन्दू समाज एकजुट है। मंदिर परिसर में महादेव की मूर्ति मिलने को उन्होंने हिन्दू समाज की अस्मिता से जोड़ते हुए कहा कि जल्द ही इस मामले में न्यायालय से सफलता मिलेगी और बाबा भोलेनाथ की पूजा फिर से शुरू होगी।

विष्णु शंकर जैन का सम्मान
इस अवसर पर कई सामाजिक संगठनों और प्रमुख व्यक्तियों ने विष्णु शंकर जैन का सम्मान किया और हिन्दू समाज की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

कार्यक्रम में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक चक्रवाल, अटल बिहारी विश्वविद्यालय के कुलपति एडीएन वाजपेयी, पंडित सुंदर लाल शर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति बंशगोपाल सिंह, महेंद्र जैन, विनोद जैन, डॉ. ललित माखिजा, डॉ. विनोद तिवारी सहित शहर के शिक्षाविद, उद्योगपति, प्रशासनिक अधिकारी और सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

काशी-मथुरा के लिए संघर्ष की बात की
राम मंदिर के संघर्ष को याद करते हुए जैन ने कहा कि 69 वर्षों के बाद अयोध्या में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा हो सकी है। इसी तरह अब काशी और मथुरा के लिए भी हिन्दू समाज एकजुट होकर संघर्ष कर रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारे देवी-देवता जीवंत प्राणी हैं और उन्हें कभी मिटाया नहीं जा सकता। ज्ञानवापी और मथुरा के मंदिरों के मामलों में कहा कि मंदिरों को तोड़ने की कोशिशें होती रही हैं, बावजूद इसके वह आज भी आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बने हुए हैं।

अल्पसंख्यकों के नाम पर योजनाओं का दुरुपयोग
विष्णु शंकर जैन ने कहा कि अल्पसंख्यकों के नाम पर सरकार का बजट तो रखा जाता है, लेकिन इसका लाभ सिर्फ एक ही वर्ग को मिलता है। उन्होंने कहा कि संविधान कहता है कि जाति या धर्म के आधार पर कोई योजना नहीं बनेगी, लेकिन अल्पसंख्यक योजनाओं का लाभ एक ही वर्ग उठा रहा है। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की जरूरत है।

धर्मांतरण रोकने में सबकी भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के संयोजक महेंद्र जैन ने कहा कि वंदे मातरम मित्र मंडल पिछले तीन वर्षों से बिलासपुर में हिन्दू समाज की रक्षा के लिए काम कर रहा है। चाहे वह धर्मांतरण रोकने का प्रयास हो या समाज की सुरक्षा का मुद्दा, संगठन हर स्तर पर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

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Author: Deepak Mittal

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