बिलासपुर: 77वां गणतंत्र दिवस छत्तीसगढ़ में हर्षोल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने शहीद सैनिकों और पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के मार्ग पर चलते हुए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों, श्रमिकों और महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और सुशासन से जुड़ी पहलों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों को स्मरण करने का अवसर भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन किया और बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है और बीते 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से हुआ है, जो छत्तीसगढ़ी अस्मिता और संस्कृति का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने माओवादी हिंसा पर कहा कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की निर्णायक रणनीति के चलते अब यह अंतिम चरण में है। उन्होंने मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य दोहराया। किसानों के हित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है और बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं।
महिलाओं के सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सम्मान राशि दी जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए सुधारों, नई औद्योगिक नीति के तहत प्राप्त निवेश प्रस्तावों और नवा रायपुर को आईटी व एआई हब के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी उन्होंने जानकारी दी।
समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए तथा विभिन्न विभागों द्वारा विकास योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं। मुख्यमंत्री साय ने अंत में स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
Author: Deepak Mittal










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