आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर, टैक्स दरों में बड़े बदलाव
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश किया, जिसमें कई अहम घोषणाएं की गईं। इस बजट का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। जहां एक ओर कैंसर की दवाओं, विदेश यात्रा और व्यक्तिगत आयात को सस्ता किया गया है, वहीं दूसरी ओर शराब, कोयला और शेयर बाजार में सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां महंगी हो गई हैं।
बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। इसके अलावा 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष चिकित्सा भोजन पर आयात शुल्क में छूट दी गई है। सरकार के इस कदम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। विदेश यात्रा को भी सस्ता बनाते हुए विदेशी टूर पैकेज पर टीसीएस की दर को 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा माइक्रोवेव ओवन, जूते, विदेश में पढ़ाई, सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएं, बैटरी, बायोफ्यूल मिश्रित सीएनजी, हवाई जहाज के कलपुर्जे, चमड़े का निर्यात और बीड़ी जैसी कई वस्तुएं भी सस्ती होंगी।
दूसरी ओर, आयात शुल्क में बढ़ोतरी के चलते कबाड़ और खनिज जैसी वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। बजट 2026 में सरकार ने मानव उपभोग के लिए शराब पर टीसीएस की दर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया है, जिससे शराब की कीमतों में इजाफा होना तय माना जा रहा है।
शेयर बाजार में सट्टेबाजी को हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग पर भी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस पर एसटीटी को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने शेयर बायबैक से होने वाली आय को कैपिटल गेन के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अब बायबैक में शेयर सरेंडर करने वाले सभी शेयरधारकों को होने वाले लाभ पर अधिक टैक्स देना होगा।
Author: Deepak Mittal









