लुधियाना: सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (CGST) विभाग ने टैक्स चोरी के मामले में लुधियाना के एक जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने डेवलपर पर 10 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है, जिसे वसूल भी कर लिया गया है।
CGST अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित डेवलपर ने रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) से ज़मीन लीज़ पर ली थी, लेकिन अथॉरिटी को दी गई प्रीमियम राशि पर GST जमा नहीं किया। यह बकाया राशि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की बताई जा रही है।
जांच के दौरान गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद CGST विभाग ने डेवलपर को नोटिस जारी किए। नोटिस मिलने के बाद डेवलपर ने विभाग के पास 10 करोड़ रुपये जमा कर दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
CGST सूत्रों ने बताया कि टैक्स चोरी के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और टैक्स चोरों के खिलाफ नियमित रूप से छापेमारी की जा रही है। लुधियाना CGST यूनिट ने चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 93 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है और मार्च तक 100 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा गया है।
311 करोड़ के फर्जी बिलिंग स्कैम का भी खुलासा
इसी कड़ी में CGST विभाग की स्थानीय यूनिट ने 311 करोड़ रुपये के कथित फर्जी GST बिलिंग स्कैम का भी खुलासा किया है। इस मामले में एक व्यक्ति और उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी एक जानी-मानी आयरन ट्रेडिंग कंपनी के मालिक बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर कंपनी के ठिकानों पर छापा मारा गया, जहां नकली GST इनवॉइस के जरिए टैक्स चोरी और अवैध लाभ लेने के सबूत मिले। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी बिलों के जरिए 47.5 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल किया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8164949
Total views : 8190747