TDR घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, VRHPL सहित 19 आरोपियों पर केस दर्ज

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बेंगलुरु: Enforcement Directorate (ईडी) के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने टीडीआर घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स वालमार्क रियल्टी होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (VRHPL) समेत 19 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है। यह शिकायत 11 मार्च 2026 को विशेष अदालत में दाखिल की गई, जिसमें कुछ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। Bruhat Bengaluru Mahanagara Palike (BBMP) से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, TDR/DRC (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) ऐसा प्रमाणपत्र होता है, जो यह बताता है कि किसी प्लॉट या जमीन के मालिक को कितनी बिल्ट-अप एरिया का अधिकार है। इस अधिकार को जमीन मालिक या तो बेच सकता है या किसी अन्य स्थान पर उपयोग कर सकता है। आमतौर पर यह जमीन शहरी निकायों द्वारा सड़क चौड़ीकरण या अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए अधिग्रहित की जाती है।

ईडी ने इस मामले की जांच Anti Corruption Bureau (एसीबी) बेंगलुरु द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। चार्जशीट के अनुसार, VRHPL के निदेशक Ratan Lath ने डीआरसी प्राप्त करने के बाद टीडीआर को विभिन्न रियल एस्टेट कंपनियों और व्यक्तियों को बेचकर करीब 27.68 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया।

जांच में यह भी सामने आया कि टीडीआर ब्रोकर K. Suresh, K. Gautam और उनके सहयोगियों ने कुछ जमीन मालिकों व बीबीएमपी अधिकारियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि उन्होंने यह तथ्य छिपाया कि संबंधित भूमि पहले ही बेची जा चुकी थी और भवन की कीमत को गलत तरीके से 1.26 करोड़ रुपये दिखाकर 10,672.14 वर्ग मीटर के डीआरसी जारी करा लिए।

इससे पहले ईडी ने VRHPL के कार्यालय, उसके निदेशक और कुछ बिल्डरों व ब्रोकरों से जुड़े 9 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। जांच में ब्रोकरों और पूर्व भूमि मालिकों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि ब्रोकरों ने फर्जी दस्तावेज, सामान्य पावर ऑफ अटॉर्नी और एग्रीमेंट के जरिए जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर कर टीडीआर हासिल किया।

जांच एजेंसी के अनुसार, टीडीआर से अर्जित रकम को कई माध्यमों से रियल एस्टेट निवेश और अन्य खर्चों में लगाया गया, ताकि अवैध आय को वैध दिखाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बेंगलुरु में सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित कई जमीनों से जुड़े ऐसे अन्य मामलों की भी जांच जारी है।

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Author: Deepak Mittal

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